📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
स्थानीय
मोहाली के 65 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने स्वच्छता सुधार की माँग की
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 29 सित. 2026, 02:32 AM
👁 14
मोहाली के 65 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर निगम और गमाडा से स्वच्छता व्यवस्था में त्वरित सुधार की संयुक्त मांग की है।
मोहाली के 65 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने नगर निगम और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को स्वच्छता संबंधी लगातार समस्याओं को सुलझाने के लिए औपचारिक रूप से अपील की है। इन एसोसिएशन ने अनियमित कचरा संग्रह, भरते हुए कूड़ादानों और अपर्याप्त सड़क सफाई जैसी समस्याओं को उजागर किया, जो निवासियों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं।
एसोसिएशन ने एक संयुक्त याचिका में इन कमियों को सूचीबद्ध किया और अधिक नियमित कचरा संग्रह, सार्वजनिक कूड़ादानों का बेहतर रख‑रखाव तथा सफाई मानकों की निगरानी के लिए ठोस कार्य‑योजना की माँग की। उन्होंने अधिकारियों से अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने और अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निगरानी तंत्र स्थापित करने का अनुरोध किया।
नगर निगम ने याचिका प्राप्त होने की पुष्टि की और आगामी बैठक में इन मुद्दों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया। गमाडा के प्रतिनिधियों को भी इस विषय पर आरडब्ल्यूए के साथ चर्चा करने और मोहाली क्षेत्र के व्यापक समाधान खोजने की उम्मीद है।
आरडब्ल्यूए की इस एकजुट आवाज़ से मोहाली में नागरिक सहभागिता की बढ़ती प्रवृत्ति स्पष्ट होती है, जहाँ स्थानीय समुदाय शहरी सेवाओं के लिए सार्वजनिक एजेंसियों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने एक संयुक्त याचिका में इन कमियों को सूचीबद्ध किया और अधिक नियमित कचरा संग्रह, सार्वजनिक कूड़ादानों का बेहतर रख‑रखाव तथा सफाई मानकों की निगरानी के लिए ठोस कार्य‑योजना की माँग की। उन्होंने अधिकारियों से अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने और अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निगरानी तंत्र स्थापित करने का अनुरोध किया।
नगर निगम ने याचिका प्राप्त होने की पुष्टि की और आगामी बैठक में इन मुद्दों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया। गमाडा के प्रतिनिधियों को भी इस विषय पर आरडब्ल्यूए के साथ चर्चा करने और मोहाली क्षेत्र के व्यापक समाधान खोजने की उम्मीद है।
आरडब्ल्यूए की इस एकजुट आवाज़ से मोहाली में नागरिक सहभागिता की बढ़ती प्रवृत्ति स्पष्ट होती है, जहाँ स्थानीय समुदाय शहरी सेवाओं के लिए सार्वजनिक एजेंसियों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।