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धर्म
दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में 1984 सिख दंगों की 42वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 02 नव. 2026, 10:31 PM
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1984 के सिख दंगों की 42वीं बरसी पर दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें पीड़ितों को याद किया गया।
दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाबगंज में शनिवार को 1984 के सिख दंगों की 42वीं बरसी को याद करने के लिये श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। समारोह की शुरुआत सिख प्रार्थनाओं और मोमबत्तियों की रोशनी से हुई, जो उस समय शहीद हुए परिवारों के प्रति एकजुटता का प्रतीक थी।
समारोह में उपस्थित प्रतिनिधियों ने 1984 के दंगों के दीर्घकालिक प्रभावों पर प्रकाश डाला और साम्प्रदायिक घृणा के विरुद्ध सतर्क रहने की अपील की। जबकि कोई सरकारी अधिकारी नहीं आया, सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने न्यायालय में लंबित मामलों की तेज़ी से निपटारे की मांग की।
समारोह के अंत में सभी को लंगर (सामुदायिक भोजन) परोसा गया, जिससे सिख धर्म के समानता और मानवता के सिद्धांतों को उजागर किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह की शांति पूर्ण यादगार कार्यक्रम सामुदायिक समरसता और पुनर्स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
रकाबगंज, जहाँ दंगों के बाद सिख नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी, इस स्मरण समारोह के माध्यम से दिल्ली की बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना में इतिहास की याद को पुनः स्थापित करने का प्रयत्न किया गया।
समारोह में उपस्थित प्रतिनिधियों ने 1984 के दंगों के दीर्घकालिक प्रभावों पर प्रकाश डाला और साम्प्रदायिक घृणा के विरुद्ध सतर्क रहने की अपील की। जबकि कोई सरकारी अधिकारी नहीं आया, सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने न्यायालय में लंबित मामलों की तेज़ी से निपटारे की मांग की।
समारोह के अंत में सभी को लंगर (सामुदायिक भोजन) परोसा गया, जिससे सिख धर्म के समानता और मानवता के सिद्धांतों को उजागर किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह की शांति पूर्ण यादगार कार्यक्रम सामुदायिक समरसता और पुनर्स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
रकाबगंज, जहाँ दंगों के बाद सिख नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी, इस स्मरण समारोह के माध्यम से दिल्ली की बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना में इतिहास की याद को पुनः स्थापित करने का प्रयत्न किया गया।