📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satdeep Gill
देश
उत्तरााखंड के रिषिकेश‑कर्णप्रयाग रेल लाइन में 41वाँ सुरंग बोरिंग पूरा
✍️ Moneycontrol.com
🗓 15 सित. 2026, 12:35 PM
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भारतीय रेलवे ने रिषिकेश‑कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 41वीं सुरंग के सफल बोरिंग का ऐलान किया, जो राज्य की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण कदम है।
रिषिकेश‑कर्णप्रयाग रेल लाइन, जो उत्तराखंड के चार धाम रेल नेटवर्क का हिस्सा है, ने इस सप्ताह अपना 41वाँ सुरंग बोरिंग पूरा किया। इंजीनियरों ने बताया कि रिषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच पहाड़ी इलाके में स्थित इस सुरंग को कठिन भू-स्थिति के बावजूद टनल बोरिंग मशीनों से सफलतापूर्वक खोदा गया।
यह उपलब्धि शेष बोरिंग कार्य को कम करती है और 126 किलोमीटर लंबी लाइन को मध्य‑2020 के दशक तक पूरा करने के लक्ष्य को करीब लाती है। जब संचालन में आएगी, तो यह रेल लिंक रिषिकेश, कर्णप्रयाग और पूरे गरहवाल क्षेत्र के तीर्थस्थलों के बीच यात्रा समय को काफी घटा देगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय रेलवे ने बताया कि आगे के चरणों में नई खोली गई सुरंग की लाइनिंग, उपकरण स्थापित करना और सुरक्षा परीक्षण पर ध्यान दिया जाएगा, और अंतिम कमीशनिंग दशक के अंत तक होने की संभावना है। यह बोरिंग हिमालयी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के सरकारी संकल्प को दर्शाती है।
यह उपलब्धि शेष बोरिंग कार्य को कम करती है और 126 किलोमीटर लंबी लाइन को मध्य‑2020 के दशक तक पूरा करने के लक्ष्य को करीब लाती है। जब संचालन में आएगी, तो यह रेल लिंक रिषिकेश, कर्णप्रयाग और पूरे गरहवाल क्षेत्र के तीर्थस्थलों के बीच यात्रा समय को काफी घटा देगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय रेलवे ने बताया कि आगे के चरणों में नई खोली गई सुरंग की लाइनिंग, उपकरण स्थापित करना और सुरक्षा परीक्षण पर ध्यान दिया जाएगा, और अंतिम कमीशनिंग दशक के अंत तक होने की संभावना है। यह बोरिंग हिमालयी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के सरकारी संकल्प को दर्शाती है।