📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
शिक्षा
शहडोल के छात्रावासों की समस्या पर 32 छात्राएँ कलेक्टर से मिलने के लिए रात में निकलीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अक्टू. 2026, 09:36 AM
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गोहपारू की 32 छात्राएँ शनिवार सुबह तीन बजे शहडोल से निकलकर कलेक्टर के पास जाकर छात्रावास सुधार की माँग कर रही हैं, यह दो महीने में पाँचवीं बार है।
शहडोल जिले के सरकारी छात्रावासों में रहने वाली छात्राएँ खराब रहने की परिस्थितियों के खिलाफ विरोध को तेज कर रही हैं। शनिवार को लगभग 3 बजे गोहपारू की 32 छात्राएँ कलेक्टर कार्यालय तक पैदल पहुँचकर तत्काल सुधार की माँग कर रही थीं।
यह दो महीने में पाँचवीं बार है जब छात्रावास के निवासियों ने सड़कों पर उतरकर स्वच्छता, पानी की कमी और असुरक्षित ढाँचे जैसी समस्याओं को उजागर किया है। छात्रों ने कई बार जिला अधिकारियों से संवाद करने की कोशिश की, परंतु उनकी शिकायतें अभी तक पूरी तरह से नहीं सुलझी हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय ने छात्रों को सुन लिया है और शिकायतों की समीक्षा का वादा किया है। हालांकि, मरम्मत या सुधार के लिए कोई स्पष्ट समय‑सारणी अभी घोषित नहीं की गई है, जिससे छात्र सीधे अपील जारी रख रहे हैं।
यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध‑शहरी छात्रों की बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है, जो शिक्षा के लिए सरकारी छात्रावासों पर निर्भर हैं। हितधारकों ने राज्य सरकार से शीघ्र फंड आवंटन कर छात्रावासों का नवीनीकरण करने का आग्रह किया है, ताकि आगे की बाधाएँ न हों।
स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की निगरानी की है, जबकि अधिकारी माँगों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
यह दो महीने में पाँचवीं बार है जब छात्रावास के निवासियों ने सड़कों पर उतरकर स्वच्छता, पानी की कमी और असुरक्षित ढाँचे जैसी समस्याओं को उजागर किया है। छात्रों ने कई बार जिला अधिकारियों से संवाद करने की कोशिश की, परंतु उनकी शिकायतें अभी तक पूरी तरह से नहीं सुलझी हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय ने छात्रों को सुन लिया है और शिकायतों की समीक्षा का वादा किया है। हालांकि, मरम्मत या सुधार के लिए कोई स्पष्ट समय‑सारणी अभी घोषित नहीं की गई है, जिससे छात्र सीधे अपील जारी रख रहे हैं।
यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध‑शहरी छात्रों की बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है, जो शिक्षा के लिए सरकारी छात्रावासों पर निर्भर हैं। हितधारकों ने राज्य सरकार से शीघ्र फंड आवंटन कर छात्रावासों का नवीनीकरण करने का आग्रह किया है, ताकि आगे की बाधाएँ न हों।
स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की निगरानी की है, जबकि अधिकारी माँगों का मूल्यांकन कर रहे हैं।