📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Women against Sexual Violence and State Repression
अपराध
छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी शक में रोके गए 19 पश्चिम बंगाल के श्रमिक रिहा
✍️ TheWire.in
🗓 21 सित. 2026, 12:17 AM
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छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी होने के शक में रोके गए पश्चिम बंगाल के 19 श्रमिकों को नागरिकता दस्तावेजों की पुष्टि के बाद रिहा कर दिया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि श्रमिकों की नागरिकता सत्यापित होने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल से संबंधित उन्नीस श्रमिकों को बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में हिरासत में लिया। यह हिरासत स्थानीय पुलिस द्वारा की गई नियमित जांच के दौरान हुई।
अधिकारियों ने फिर श्रमिकों की नागरिकता ascertaining करने के लिए सत्यापन प्रक्रिया शुरू की, जिसमें उनकी पहचान दस्तावेजों की जांच शामिल थी ताकि उनकी भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो सके।
सत्यापन के बाद पुष्टि हुई कि श्रमिक वास्तव में भारतीय नागरिक हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी तत्काल रिहा का आदेश दिया। श्रमिकों के खिलाफ इस संदेह के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया गया।
यह घटना औद्योगिक केंद्रों में श्रमिक प्रवास और पहचान सत्यापन के आसपास उत्पन्न होने वाले तनाव को दर्शाती है। श्रमिक अब अपने-अपने काम के स्थानों पर लौट गए हैं।
अधिकारियों ने फिर श्रमिकों की नागरिकता ascertaining करने के लिए सत्यापन प्रक्रिया शुरू की, जिसमें उनकी पहचान दस्तावेजों की जांच शामिल थी ताकि उनकी भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो सके।
सत्यापन के बाद पुष्टि हुई कि श्रमिक वास्तव में भारतीय नागरिक हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी तत्काल रिहा का आदेश दिया। श्रमिकों के खिलाफ इस संदेह के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया गया।
यह घटना औद्योगिक केंद्रों में श्रमिक प्रवास और पहचान सत्यापन के आसपास उत्पन्न होने वाले तनाव को दर्शाती है। श्रमिक अब अपने-अपने काम के स्थानों पर लौट गए हैं।