📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
राजनीति
124 पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव आयोग का समर्थन किया, वोट‑धोखाधड़ी के दावों को चुनौती दी
✍️ The Times of India
🗓 10 अक्टू. 2026, 08:32 PM
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124 पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय का समर्थन करते हुए यह दावा किया कि हालिया चुनावों में धोखाधड़ी नहीं हुई।
124 पूर्व भारतीय नौकरशाहों के एक समूह ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय का समर्थन करते हुए वोट‑धोखाधड़ी के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त की है।
यह बयान हालिया मीडिया रिपोर्टों के जवाब में आया है, जिनमें मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का दावा किया गया था। समूह का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संचालित हुई और धोखाधड़ी के दावों के लिए विश्वसनीय सबूत उपलब्ध नहीं हैं।
पूर्व अधिकारियों ने चुनाव आयोग द्वारा मतदान और गिनती चरणों में लागू कड़े निरीक्षण और संतुलन पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही इन आरोपों की जाँच की है और धोखाधड़ी के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
इन 124 पूर्व नौकरशाहों की इस रुख से भारत में चुनावी अखंडता पर चल रहे बहस पर असर पड़ सकता है, क्योंकि राजनीतिक दल और नागरिक समाज चुनावों के संचालन पर निगरानी जारी रखे हुए हैं।
यह बयान हालिया मीडिया रिपोर्टों के जवाब में आया है, जिनमें मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का दावा किया गया था। समूह का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संचालित हुई और धोखाधड़ी के दावों के लिए विश्वसनीय सबूत उपलब्ध नहीं हैं।
पूर्व अधिकारियों ने चुनाव आयोग द्वारा मतदान और गिनती चरणों में लागू कड़े निरीक्षण और संतुलन पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही इन आरोपों की जाँच की है और धोखाधड़ी के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
इन 124 पूर्व नौकरशाहों की इस रुख से भारत में चुनावी अखंडता पर चल रहे बहस पर असर पड़ सकता है, क्योंकि राजनीतिक दल और नागरिक समाज चुनावों के संचालन पर निगरानी जारी रखे हुए हैं।