📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
शिक्षा
सुनाम के भगवान वाल्मीकि सरकारी प्राइमरी स्कूल में दो कक्षों में 108 बच्चे
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 26 अग. 2026, 02:44 PM
👁 8
पंजाब के सुनाम में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल दो कक्षों में 108 बच्चों को तीन‑तीन कक्षाओं के साथ पढ़ा रहा है, जिससे शैक्षणिक सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर होती है।
पंजाब के सुनाम में स्थित भगवान वाल्मीकि सरकारी प्राइमरी स्कूल, वाल्मीकि बस्ती में, केवल दो कक्षों में 108 छात्रों को समायोजित कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्येक कक्षा में एक साथ तीन‑तीन क्लास चल रही हैं, जिससे शिक्षकों को सीमित स्थान और संसाधनों को साझा करना पड़ रहा है।
यह अत्यधिक भीड़भाड़ वाली स्थिति अभिभावकों और स्थानीय शिक्षा अधिकारियों में चिंता का कारण बन गई है, जो कह रहे हैं कि यह राज्य के ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी बुनियादी ढांचे की उपेक्षा को दर्शाती है। "शिक्षा क्रांति" अभियान के बावजूद, स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर और शिक्षण सामग्री की कमी है।
अधिक कक्षाओं के निर्माण और नई स्कूल इमारत के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों से आपातकालीन निधि आवंटित करने का आग्रह किया गया है। तब तक छात्र भीड़भाड़ वाले माहौल में पढ़ाई जारी रखेंगे, जिससे प्रभावी शिक्षा में बाधा और सुरक्षा जोखिम उत्पन्न होते हैं।
यह घटना पंजाब के शैक्षिक क्षेत्र में नीति वादों और वास्तविकता के बीच अंतर को उजागर करती है, और जिला शिक्षा विभाग से त्वरित सुधारात्मक कदमों की मांग बढ़ा रही है।
यह अत्यधिक भीड़भाड़ वाली स्थिति अभिभावकों और स्थानीय शिक्षा अधिकारियों में चिंता का कारण बन गई है, जो कह रहे हैं कि यह राज्य के ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी बुनियादी ढांचे की उपेक्षा को दर्शाती है। "शिक्षा क्रांति" अभियान के बावजूद, स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर और शिक्षण सामग्री की कमी है।
अधिक कक्षाओं के निर्माण और नई स्कूल इमारत के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों से आपातकालीन निधि आवंटित करने का आग्रह किया गया है। तब तक छात्र भीड़भाड़ वाले माहौल में पढ़ाई जारी रखेंगे, जिससे प्रभावी शिक्षा में बाधा और सुरक्षा जोखिम उत्पन्न होते हैं।
यह घटना पंजाब के शैक्षिक क्षेत्र में नीति वादों और वास्तविकता के बीच अंतर को उजागर करती है, और जिला शिक्षा विभाग से त्वरित सुधारात्मक कदमों की मांग बढ़ा रही है।