📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Karthik Rangappa
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ज़ेरोधा के नितिन कामत ने भारत की जन्म दर पर की टिप्पणी
✍️ Moneycontrol.com
🗓 20 जुल. 2026, 09:17 AM
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ज़ेरोधा के संस्थापक नितिन कामत ने भारत की गिरती जन्म दर पर टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने बिहार को एक महत्वपूर्ण सीमा पार करने वाला अंतिम राज्य बताया है। उनका बयान देश में बदलते जनसांख्यिकी को रेखांकित करता है।
भारत में वर्षों से जन्म दर में गिरावट देखी जा रही है, जिसका देश की जनसांख्यिकी और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। ज़ेरोधा, एक प्रमुख वित्तीय सेवा कंपनी के संस्थापक नितिन कामत ने हाल ही में इस प्रवृत्ति पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने बिहार को जन्म दर में एक महत्वपूर्ण सीमा पार करने वाला अंतिम राज्य बताया। यह बयान भारत भर में जन्म दर में क्षेत्रीय असमानताओं को रेखांकित करता है, जहां कुछ राज्यों में अन्य की तुलना में अधिक तेजी से गिरावट देखी जा रही है।
भारत में गिरती जन्म दर बढ़ते शहरीकरण, शिक्षा और परिवार नियोजन जागरूकता जैसे विभिन्न कारकों के लिए जिम्मेदार है। जैसा कि जनसंख्या संरचना विकसित होती है, इसके कार्यबल, पेंशन प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
नितिन कामत की टिप्पणी देश के नीति निर्माताओं को जनसांख्यिकी परिवर्तन के दीर्घकालिक परिणामों पर विचार करने की आवश्यकता की याद दिलाती है। इन परिवर्तनों को समझने और संबोधित करने से, देश अपने भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकता है और स्थायी विकास सुनिश्चित कर सकता है।
भारत में गिरती जन्म दर बढ़ते शहरीकरण, शिक्षा और परिवार नियोजन जागरूकता जैसे विभिन्न कारकों के लिए जिम्मेदार है। जैसा कि जनसंख्या संरचना विकसित होती है, इसके कार्यबल, पेंशन प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
नितिन कामत की टिप्पणी देश के नीति निर्माताओं को जनसांख्यिकी परिवर्तन के दीर्घकालिक परिणामों पर विचार करने की आवश्यकता की याद दिलाती है। इन परिवर्तनों को समझने और संबोधित करने से, देश अपने भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकता है और स्थायी विकास सुनिश्चित कर सकता है।