📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fbbcraze
स्वास्थ्य
जवानी में तेज़ बॉडी बनाने के लिए ले रहे घोड़े‑मवेशी की दवाइयाँ, किडनी‑लिवर‑दिल पर असर
✍️ Amar Ujala
🗓 07 सित. 2026, 09:26 AM
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कई भारतीय युवा तेज़ बॉडी बनाने के लिए घोड़े‑मवेशी की दवाइयाँ ले रहे हैं, जिससे किडनी, लिवर और दिल को गंभीर खतरा है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह देखा है कि कई युवा भारतीय तेज़ मांसपेशी वृद्धि के लिए घोड़े‑मवेशी के लिए तैयार की गई दवाइयाँ ले रहे हैं। ये दवाइयाँ मूलतः पशु विकास के लिये बनायी़ गई थीं और अब अनौपचारिक रास्तों से बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन की जा रही हैं।
इन दवाओं का आकर्षण तेज़ वजन बढ़ाने और स्पष्ट शरीर का वादा है, जिसे कई युवा सामाजिक मान्यता और फिटनेस‑मॉडलिंग के अवसरों से जोड़ते हैं। लेकिन मानव उपयोग के लिये कोई क्लिनिकल परीक्षण नहीं होने के कारण खुराक और दुष्प्रभाव अज्ञात हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे अनियंत्रित सेवन से किडनी पर बोझ, लिवर की कार्यक्षमता में कमी और दिल पर अत्यधिक तनाव पड़ सकता है। अन्य देशों में इन दवाओं से जुड़े लिवर एंजाइम बढ़ना, किडनी फेल्योर और हृदय की अनियमित धड़कन की रिपोर्टें मिली हैं, और अब भारत में भी समान मामलों की निगरानी की जा रही है।
प्राधिकरण जनता से अपील कर रहे हैं कि पशु दवाओं का स्वयं‑सेवन न करें और सुरक्षित बॉडीबिल्डिंग के लिये पेशेवर सलाह लें। जिम और कॉलेजों में इन छिपे खतरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।
इन दवाओं का आकर्षण तेज़ वजन बढ़ाने और स्पष्ट शरीर का वादा है, जिसे कई युवा सामाजिक मान्यता और फिटनेस‑मॉडलिंग के अवसरों से जोड़ते हैं। लेकिन मानव उपयोग के लिये कोई क्लिनिकल परीक्षण नहीं होने के कारण खुराक और दुष्प्रभाव अज्ञात हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे अनियंत्रित सेवन से किडनी पर बोझ, लिवर की कार्यक्षमता में कमी और दिल पर अत्यधिक तनाव पड़ सकता है। अन्य देशों में इन दवाओं से जुड़े लिवर एंजाइम बढ़ना, किडनी फेल्योर और हृदय की अनियमित धड़कन की रिपोर्टें मिली हैं, और अब भारत में भी समान मामलों की निगरानी की जा रही है।
प्राधिकरण जनता से अपील कर रहे हैं कि पशु दवाओं का स्वयं‑सेवन न करें और सुरक्षित बॉडीबिल्डिंग के लिये पेशेवर सलाह लें। जिम और कॉलेजों में इन छिपे खतरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।