Crime
यूपी में अपराध पर सख्त कार्रवाई: साढ़े 9 साल में 303 अपराधी ढेर, 12 हजार से अधिक घायल
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराध के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए और 12,202 घायल हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में पुलिस ने आक्रामक कार्रवाई की है। इस अवधि में कुल 303 अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ों में मार गिराया गया है, जबकि 12,202 अपराधी मुठभेड़ों के दौरान घायल हुए हैं। यह आंकड़े प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 15,233 करोड़ रुपये से अधिक है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी 995 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
माफिया और संगठित गिरोहों पर भी सरकार का शिकंजा कसा है। 68 चिह्नित माफियाओं और उनके गिरोहों के खिलाफ 909 मामले दर्ज किए गए हैं, और इन गिरोहों से जुड़े 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर अपराध के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसमें 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज या होल्ड की गई है। साइबर अपराध पर कार्रवाई के मामले में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन पर है।
आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 15,233 करोड़ रुपये से अधिक है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी 995 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
माफिया और संगठित गिरोहों पर भी सरकार का शिकंजा कसा है। 68 चिह्नित माफियाओं और उनके गिरोहों के खिलाफ 909 मामले दर्ज किए गए हैं, और इन गिरोहों से जुड़े 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर अपराध के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसमें 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज या होल्ड की गई है। साइबर अपराध पर कार्रवाई के मामले में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन पर है।