राजनीति
यूपी में 10 वर्ष तक के किरायेदारी विलेखों के स्टांप व रजिस्ट्रेशन शुल्क को सरल और किफायती बनाने का निर्णय
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में 10 वर्ष तक की किरायेदारी/पट्टा विलेखों के स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क को सरल तथा किफायती करने का फैसला किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 10 वर्ष तक की किरायेदारी या पट्टा विलेखों के लिए स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क को सरल और किफायती बनाने का निर्णय पारित किया गया।
इस निर्णय के तहत मौजूदा शुल्क संरचना को सरलीकृत किया जाएगा, जिससे किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए प्रक्रिया आसान हो जाएगी। शुल्क में कमी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुविधा प्रदान करने के उपायों को लागू किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य किरायेदारी लेन‑देन में वित्तीय बोझ को घटाना और दस्तावेज़ीकरण को तेज़ बनाकर रियल एस्टेट बाजार को सुदृढ़ करना है। यह कदम राज्य के आवासीय सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
इस निर्णय के तहत मौजूदा शुल्क संरचना को सरलीकृत किया जाएगा, जिससे किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए प्रक्रिया आसान हो जाएगी। शुल्क में कमी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुविधा प्रदान करने के उपायों को लागू किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य किरायेदारी लेन‑देन में वित्तीय बोझ को घटाना और दस्तावेज़ीकरण को तेज़ बनाकर रियल एस्टेट बाजार को सुदृढ़ करना है। यह कदम राज्य के आवासीय सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।