🔥 TRENDING करौली में जय नसीर बाबा क्रिकेट प्रतियो... मावणों भाषा‑संस्कृति संरक्षण संगोष्ठी... कर्नाटक दलीत संघर्ष समिति ने सुप्रीम क... CM Dhami Approves Uttarakhand Film Awa... CM Dhami Hails Amit Shah, Invokes Sard... Supreme Court Urges Delhi to Curb Diwa...
06 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

योगापट्टी कृषि कार्यालय में 12 बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुचने से किसान तिन दिन से चकर लगा रहे है

✍️ Reporter: Amit kumar 🗓 06 Nov 2026, 04:31 PM 👁 14
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post
योगापट्टी प्रखंड कृषि कार्यालय में मसूर का बीज लेने के लिए किसान पिछले तीन दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मोबाइल ओटीपी कस बिना मसूर का बिज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इससे किसानो द्वारा कृषि बिभाग के प्रति नाराजगी जताई जा रही है शुक्रवार को भी कई किसान बीज लेने के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यालय में किसी अधिकारी के मौजूद नहीं रहने से उन्हें निराशा हाथ लगी।किसान प्रभु प्रसाद, शंभू प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार आदि ने बताया कि मसूर के बीज के लिए उनके मोबाइल पर ओटीपी आ चुका है। इसके बावजूद उन्हें बीज नहीं दिया जा रहा है। किसान पिछले तीन दिनों से लगातार प्रखंड कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहता है।इसके बावजूद उन्हें बीज नहीं दिया जा रहा है। किसान पिछले तीन दिनों से लगातार प्रखंड कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहता है। इसके बावजूद उन्हें बीज नहीं दिया जा रहा है। शुक्रवार को भी कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की इस उदासीनता के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कृषि कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि कार्यालय की दीवार पर लिखकर सूचना लगा दी गई है कि फिलहाल मसूर का बीज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसानों का सवाल है कि जब विभाग के पास मसूर का बीज उपलब्ध ही नहीं है तो उनके मोबाइल पर बीज वितरण के लिए ओटीपी कैसे आ रहा है। ओटीपी आने के बाद किसान बीज मिलने की उम्मीद में कार्यालय पहुंच रहे हैं।लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।वहीं कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि खेतों में खेती करने वाले किसानों को मसूर का बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को बीज दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेती का समय धीरे-धीरे निकलता जा रहा है। समय पर बीज नहीं मिलने सेमसूर की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने जिला पदाधिकारी सेमामले में हस्तक्षेप कर जल्द बीज उपलब्ध करानेकी मांग की है। साथ ही ओटीपी जारी होनेके बावजूद बीज नहीं मिलने की समस्या कीजांच कराने और कार्यालय में अधिकारियोंकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग कीहै।
📲Get App