📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
अपराध
महिला ने बहन को दी जमीन की वसीयत रद्द कर, नई वसीयत में टाईम्स ऑफ़ इंडिया को दी 79 वर्ग यार्ड की संपत्ति
✍️ The Times of India
🗓 18 सित. 2026, 07:01 AM
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वह महिला पहले अपनी 79 वर्ग यार्ड की जमीन अपनी छोटी बहन को दे रही थी, फिर वह वसीयत रद्द कर टाईम्स ऑफ़ इंडिया को लाभार्थी बनाती है।
एक उत्तराधिकार मामले में पता चला है कि महिला ने पहले अपनी छोटी बहन को 79 वर्ग यार्ड की जमीन की वसीयत दी थी। बाद में उसने वही वसीयत रद्द कर नई वसीयत में टाईम्स ऑफ़ इंडिया को एकमात्र लाभार्थी बनाकर वही संपत्ति सौंप दी।
रद्दीकरण और नई वसीयत स्थानीय सब‑रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज कराई गई, जहाँ दोनों दस्तावेज़ उपलब्ध हैं। यह रद्दीकरण महिला के निधन से पहले किया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि मीडिया हाउस को लाभार्थी बनाना क्यों आवश्यक माना गया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की वसीयत में बदलाव से परिवार के बीच विवाद उत्पन्न हो सकता है, विशेषकर जब नया लाभार्थी रिश्तेदार नहीं बल्कि संस्था हो। अब मामला जिला न्यायालय में चल रहा है, जहाँ रद्दीकरण की वैधता और समाचार पत्र के अधिकारों की जांच की जाएगी।
यदि न्यायालय नई वसीयत को मान्य करता है, तो टाईम्स ऑफ़ इंडिया को यह छोटा सा प्लॉट मिल सकता है, जो एक आवासीय इलाके में स्थित है। यह निर्णय भविष्य में असामान्य वसीयतों के मामलों में एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
रद्दीकरण और नई वसीयत स्थानीय सब‑रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज कराई गई, जहाँ दोनों दस्तावेज़ उपलब्ध हैं। यह रद्दीकरण महिला के निधन से पहले किया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि मीडिया हाउस को लाभार्थी बनाना क्यों आवश्यक माना गया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की वसीयत में बदलाव से परिवार के बीच विवाद उत्पन्न हो सकता है, विशेषकर जब नया लाभार्थी रिश्तेदार नहीं बल्कि संस्था हो। अब मामला जिला न्यायालय में चल रहा है, जहाँ रद्दीकरण की वैधता और समाचार पत्र के अधिकारों की जांच की जाएगी।
यदि न्यायालय नई वसीयत को मान्य करता है, तो टाईम्स ऑफ़ इंडिया को यह छोटा सा प्लॉट मिल सकता है, जो एक आवासीय इलाके में स्थित है। यह निर्णय भविष्य में असामान्य वसीयतों के मामलों में एक मिसाल स्थापित कर सकता है।