📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aruna at Malayalam Wikipedia
कृषि
सेवनी में जंगली हाथी ने मक्के के खेतों में मचा हड़कंप, ड्रोन से वन विभाग निगरानी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 23 अग. 2026, 10:18 PM
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सेवनी, मध्य प्रदेश में जंगली हाथी ने मक्के के खेतों में प्रवेश कर किसानों में हड़कंप मचा दिया, जबकि वन विभाग ने उसकी निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए।
सेवनी, मध्य प्रदेश के बाहरी क्षेत्रों में मक्के के खेतों में एक जंगली हाथी का प्रवेश हुआ, जिससे किसानों में हड़कंप मचा। किसानों ने बताया कि हाथी ने फसल को नुकसान पहुंचाया और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
मध्य प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी संभवतः भोजन की तलाश में अपने प्राकृतिक आवास से बाहर आया है। आगे की फसल क्षति को रोकने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में ड्रोन कैमरे तैनात किए हैं, जिससे हाथी की हर चाल पर नज़र रखी जा सके।
वन विभाग ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे घरों में रहें और हाथी के पास न जाएँ। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा परिधि स्थापित की गई है और यदि हाथी सीधे खतरा बनता है तो हस्तक्षेप करने की तैयारी है। ड्रोन से प्राप्त लाइव फुटेज को कमांड सेंटर को भेजा जा रहा है, जब तक हाथी को सुरक्षित रूप से वन में वापस नहीं लाया जाता।
प्रारंभिक जांच में यह घटना अकेली प्रतीत होती है, कोई चोटिल नहीं हुआ है। भविष्य में मानव‑वन्यजीव टकराव को कम करने के लिए अतिरिक्त रोकथाम उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी संभवतः भोजन की तलाश में अपने प्राकृतिक आवास से बाहर आया है। आगे की फसल क्षति को रोकने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में ड्रोन कैमरे तैनात किए हैं, जिससे हाथी की हर चाल पर नज़र रखी जा सके।
वन विभाग ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे घरों में रहें और हाथी के पास न जाएँ। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा परिधि स्थापित की गई है और यदि हाथी सीधे खतरा बनता है तो हस्तक्षेप करने की तैयारी है। ड्रोन से प्राप्त लाइव फुटेज को कमांड सेंटर को भेजा जा रहा है, जब तक हाथी को सुरक्षित रूप से वन में वापस नहीं लाया जाता।
प्रारंभिक जांच में यह घटना अकेली प्रतीत होती है, कोई चोटिल नहीं हुआ है। भविष्य में मानव‑वन्यजीव टकराव को कम करने के लिए अतिरिक्त रोकथाम उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।