📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Ports, Shipping and Waterways
बिज़नेस
पश्चिम बंगाल का औद्योगिक पुनरुत्थान: वादों से नहीं, कारखानों से
✍️ economictimes.com
🗓 06 अक्टू. 2026, 03:32 AM
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राज्य के अधिकारियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल के औद्योगिक पुनरुत्थान का असली संकेत वादे नहीं, बल्कि कार्यरत कारखानों की संख्या है।
पश्चिम बंगाल ने लंबे समय से चल रहे मंदी के बाद अपने विनिर्माण क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए नई नीतियों को लागू किया है और निवेशकों को आकर्षित करने के प्रयास तेज़ कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक प्रगति का मापदंड घोषित परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि कार्यरत कारखानों की गिनती होगी।
सरकार ने बड़े‑पैमाने पर योजनाओं की घोषणा से हटकर यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है कि मौजूदा और नई दोनों कारखानों को आवश्यक मंजूरी, बुनियादी ढांचा और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सके।
यदि प्रतिबद्धताओं को कार्यशील इकाइयों में बदला जा सका, तो इससे रोजगार सृजन होगा और राज्य की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ेगा।
इस परिवर्तन को ट्रैक करने के लिए एक विशेष निगरानी इकाई स्थापित की गई है, जो कारखानों के संचालन की वास्तविक प्रगति की रिपोर्ट करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक प्रगति का मापदंड घोषित परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि कार्यरत कारखानों की गिनती होगी।
सरकार ने बड़े‑पैमाने पर योजनाओं की घोषणा से हटकर यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है कि मौजूदा और नई दोनों कारखानों को आवश्यक मंजूरी, बुनियादी ढांचा और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सके।
यदि प्रतिबद्धताओं को कार्यशील इकाइयों में बदला जा सका, तो इससे रोजगार सृजन होगा और राज्य की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ेगा।
इस परिवर्तन को ट्रैक करने के लिए एक विशेष निगरानी इकाई स्थापित की गई है, जो कारखानों के संचालन की वास्तविक प्रगति की रिपोर्ट करेगी।