📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
बिज़नेस
पश्चिम बंगाल में अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 17% बढ़कर 6,055 करोड़ रुपये
✍️ A2Z Taxcorp LLP
🗓 05 नव. 2026, 03:52 AM
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अक्टूबर में पश्चिम बंगाल की जीएसटी आय में 17% की वृद्धि हुई, कुल 6,055 करोड़ रुपये, जैसा कि A2Z Taxcorp LLP ने बताया।
पश्चिम बंगाल ने अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, कुल संग्रह 6,055 करोड़ रुपये हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल के समान महीने की तुलना में 17% अधिक है, जैसा कि कर सलाहकार A2Z Taxcorp LLP की रिपोर्ट में बताया गया है।
जीएसटी में इस बढ़ोतरी का कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियों का तेज़ी से पुनरुद्धार है, विशेषकर खुदरा और सेवा क्षेत्रों में उपभोग में वृद्धि। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जिससे पश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत मिलता है।
राज्य सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया कि अतिरिक्त निधि को किस दिशा में उपयोग किया जाएगा, परंतु इस अतिरिक्त आय से विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए बजट में मजबूती आएगी।
डेटा यह भी दर्शाता है कि अक्टूबर का जीएसटी संग्रह पिछले महीने की तुलना में अधिक है, जिससे राज्य के पोस्ट‑कोविड पुनरुद्धार में निरंतर उन्नति का संकेत मिलता है।
कर डेटा एकत्र करने वाले A2Z Taxcorp LLP ने कहा कि ये आंकड़े व्यवसायों द्वारा दाखिल किए गए आधिकारिक रिटर्न पर आधारित हैं और इन्हें त्रैमासिक वित्तीय विवरणों में शामिल किया जाएगा।
जीएसटी में इस बढ़ोतरी का कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियों का तेज़ी से पुनरुद्धार है, विशेषकर खुदरा और सेवा क्षेत्रों में उपभोग में वृद्धि। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जिससे पश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत मिलता है।
राज्य सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया कि अतिरिक्त निधि को किस दिशा में उपयोग किया जाएगा, परंतु इस अतिरिक्त आय से विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए बजट में मजबूती आएगी।
डेटा यह भी दर्शाता है कि अक्टूबर का जीएसटी संग्रह पिछले महीने की तुलना में अधिक है, जिससे राज्य के पोस्ट‑कोविड पुनरुद्धार में निरंतर उन्नति का संकेत मिलता है।
कर डेटा एकत्र करने वाले A2Z Taxcorp LLP ने कहा कि ये आंकड़े व्यवसायों द्वारा दाखिल किए गए आधिकारिक रिटर्न पर आधारित हैं और इन्हें त्रैमासिक वित्तीय विवरणों में शामिल किया जाएगा।