📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
शिक्षा
पश्चिम बंगाल में मदरसा सेवा आयोग को WBSSC के साथ मिलाया जाएगा, विधेयक दुर्गा पूजा के बाद
✍️ Hindustan Times
🗓 08 अक्टू. 2026, 09:46 PM
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पश्चिम बंगाल सरकार मदरसा सेवा आयोग को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) के साथ मिलाने की योजना बना रही है, जिसका विधेयक दुर्गा पूजा के बाद पेश किया जाएगा।
कोलकाता, 8 अक्टूबर — पश्चिम बंगाल की राज्य मंत्रिपरिषद ने मदरसा सेवा आयोग (MSC) को समाप्त कर उसे पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) के साथ मिलाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इस कदम का उद्देश्य मुख्यधारा के स्कूलों और मदरसा दोनों के लिए भर्ती व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को एक ही प्राधिकरण के तहत सरल बनाना है।
कैबिनेट नोट में बताया गया है कि इस विलय से दोहराव वाली जिम्मेदारियों को हटाया जाएगा और शिक्षकों, क्लर्कों तथा अन्य शैक्षणिक पदों के लिए एकीकृत भर्ती ढांचा स्थापित होगा। प्रस्ताव में MSC के कर्मचारियों और संपत्तियों को WBSSC में स्थानांतरित करने का भी उल्लेख है, जिससे चल रही भर्ती प्रक्रियाओं में कोई बाधा न आए।
ड्राफ्ट विधेयक को दुर्गा पूजा के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा, जब सत्र पुनः शुरू होगा। विधायकों द्वारा इस पर चर्चा के बाद ही संशोधन को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने इस निर्णय का स्वागत किया है, कहता है कि एकीकृत आयोग पारदर्शिता बढ़ाएगा और प्रशासनिक लागत को कम करेगा। वहीं कुछ आलोचकों ने कहा है कि मदरसा की विशिष्ट आवश्यकताओं को बड़े WBSSC ढांचे में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
यदि विधेयक पास हो जाता है, तो एकीकृत आयोग राज्य के सभी स्कूल और मदरसा की नियुक्तियों की देखरेख करेगा, जिससे पश्चिम बंगाल की शैक्षणिक भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।
कैबिनेट नोट में बताया गया है कि इस विलय से दोहराव वाली जिम्मेदारियों को हटाया जाएगा और शिक्षकों, क्लर्कों तथा अन्य शैक्षणिक पदों के लिए एकीकृत भर्ती ढांचा स्थापित होगा। प्रस्ताव में MSC के कर्मचारियों और संपत्तियों को WBSSC में स्थानांतरित करने का भी उल्लेख है, जिससे चल रही भर्ती प्रक्रियाओं में कोई बाधा न आए।
ड्राफ्ट विधेयक को दुर्गा पूजा के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा, जब सत्र पुनः शुरू होगा। विधायकों द्वारा इस पर चर्चा के बाद ही संशोधन को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने इस निर्णय का स्वागत किया है, कहता है कि एकीकृत आयोग पारदर्शिता बढ़ाएगा और प्रशासनिक लागत को कम करेगा। वहीं कुछ आलोचकों ने कहा है कि मदरसा की विशिष्ट आवश्यकताओं को बड़े WBSSC ढांचे में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
यदि विधेयक पास हो जाता है, तो एकीकृत आयोग राज्य के सभी स्कूल और मदरसा की नियुक्तियों की देखरेख करेगा, जिससे पश्चिम बंगाल की शैक्षणिक भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।