📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
पश्चिम बंगाल अप्रैल 2027 तक 7,190 पंचायत रिक्तियों को भरेगा, कहे सुवेंदु अधिकारी
✍️ The Indian Express
🗓 05 नव. 2026, 07:31 AM
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राज्य नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल अप्रैल 2027 तक 7,190 खाली पंचायत पदों को भर देगा।
पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण पंचायतों में 7,190 खाली पदों को अप्रैल 2027 तक भरने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुई, जिसमें स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सुदृढ़ करने की सरकार की दिशा को उजागर किया गया है।
इन रिक्तियों में ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायत के विभिन्न स्तर शामिल हैं। इन पदों को भरने से जमीनी स्तर पर शासन में सुधार होगा और विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचेगा।
अप्रैल 2027 की समयसीमा के साथ, राज्य को भर्ती, चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को लगभग तीन वर्षों में पूरा करना होगा। अधिकारियों को नियामक मानदंडों का पालन करते हुए प्रक्रियाओं को तेज़ करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारी ने कहा कि यह कदम ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के व्यापक प्रयासों के साथ भी मेल खाती है।
स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों और नागरिक समाज समूहों सहित कई हितधारक इस प्रक्रिया की प्रगति पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि भर्ती अभियान की सफल समाप्ति अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
इन रिक्तियों में ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायत के विभिन्न स्तर शामिल हैं। इन पदों को भरने से जमीनी स्तर पर शासन में सुधार होगा और विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचेगा।
अप्रैल 2027 की समयसीमा के साथ, राज्य को भर्ती, चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को लगभग तीन वर्षों में पूरा करना होगा। अधिकारियों को नियामक मानदंडों का पालन करते हुए प्रक्रियाओं को तेज़ करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारी ने कहा कि यह कदम ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के व्यापक प्रयासों के साथ भी मेल खाती है।
स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों और नागरिक समाज समूहों सहित कई हितधारक इस प्रक्रिया की प्रगति पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि भर्ती अभियान की सफल समाप्ति अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।