📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
शिक्षा
पश्चिम बंगाल ने नई नियुक्त सरकारी स्कूल शिक्षकों पर राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के नियम तैयार करने की घोषणा की
✍️ Deccan Chronicle
🗓 30 अक्टू. 2026, 06:02 PM
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पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही ऐसे नियम तैयार करेगी जो नई नियुक्त सरकारी स्कूल शिक्षकों को किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने से रोकेंगे, ताकि शैक्षणिक तटस्थता बनी रहे।
कोलकाता, 30 अक्टूबर — पश्चिम बंगाल सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह ऐसे नियम तैयार करेगी जो सरकारी स्कूलों में नई नियुक्त शिक्षकों को राजनीतिक कार्यों में भाग लेने से रोकेंगे। आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह कदम सार्वजनिक शिक्षा की निरपेक्षता बनाए रखने और शिक्षकों की पार्टी‑संबंधी गतिविधियों से उत्पन्न संभावित हित‑संघर्ष को टालने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, निर्धारित तिथि के बाद भर्ती हुए शिक्षकों पर रैलियों, चुनावी प्रचार या पार्टी पदों में शामिल होने जैसे सभी प्रकार के राजनीतिक कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने कहा कि इन नियमों को स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षकों के संघों के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा, ताकि मौजूदा सेवा नियमों के साथ सामंजस्य बना रहे।
यह पहल भारतीय राज्यों में सार्वजनिक कर्मचारियों की निरपेक्षता को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रवृत्ति के तहत आती है, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में जहाँ शिक्षकों का युवा मनों पर गहरा प्रभाव होता है। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम नियम अगले कुछ हफ्तों में आधिकारिक गजट में प्रकाशित किए जाएंगे।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, निर्धारित तिथि के बाद भर्ती हुए शिक्षकों पर रैलियों, चुनावी प्रचार या पार्टी पदों में शामिल होने जैसे सभी प्रकार के राजनीतिक कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने कहा कि इन नियमों को स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षकों के संघों के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा, ताकि मौजूदा सेवा नियमों के साथ सामंजस्य बना रहे।
यह पहल भारतीय राज्यों में सार्वजनिक कर्मचारियों की निरपेक्षता को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रवृत्ति के तहत आती है, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में जहाँ शिक्षकों का युवा मनों पर गहरा प्रभाव होता है। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम नियम अगले कुछ हफ्तों में आधिकारिक गजट में प्रकाशित किए जाएंगे।