📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
पश्चिम बंगाल के सीएम ने 2.5 लाख CAA आवेदकों को 31 दिसंबर तक नागरिकता देने का वादा किया
✍️ Daily Excelsior
🗓 02 नव. 2026, 05:01 AM
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत 2.5 लाख आवेदकों को 31 दिसंबर तक नागरिकता प्रदान करने की तेज़ प्रक्रिया की घोषणा की।
कोलकाता, 1 नवंबर (डेली एक्सेल्सियर) – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि उनका सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले 2.5 लाख लोगों के मामलों को तेज़ी से निपटाएगी। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर से पहले सभी लंबित मामलों की सुनवाई पूरी कर नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की है और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय तथा राज्य सचिवालय में कार्य समय बढ़ा दिया है ताकि समय सीमा पूरी हो सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रक्रिया संबंधी किसी भी कारण से आवेदक को अस्वीकृति नहीं मिलेगी।
गृह विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रगति की निगरानी और अड़चनों को दूर करने के लिए एक विशेष टास्क‑फोर्स बनाया गया है। यह कदम नागरिक समाज और विपक्षी दलों के दबाव के जवाब में उठाया गया है, जिन्होंने CAA के तहत आवेदन प्रक्रिया को तेज़ करने की मांग की थी।
यदि लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो लाभार्थियों को मतदान, संपत्ति अधिकार और सरकारी योजनाओं जैसे अधिकार मिलेंगे, जिससे 2014 के बाद भारत में आए शरणार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह घोषणा कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहाँ मुख्यमंत्री ने संविधान के तहत CAA के वादे को बनाए रखने और पारदर्शी व कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की है और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय तथा राज्य सचिवालय में कार्य समय बढ़ा दिया है ताकि समय सीमा पूरी हो सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रक्रिया संबंधी किसी भी कारण से आवेदक को अस्वीकृति नहीं मिलेगी।
गृह विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रगति की निगरानी और अड़चनों को दूर करने के लिए एक विशेष टास्क‑फोर्स बनाया गया है। यह कदम नागरिक समाज और विपक्षी दलों के दबाव के जवाब में उठाया गया है, जिन्होंने CAA के तहत आवेदन प्रक्रिया को तेज़ करने की मांग की थी।
यदि लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो लाभार्थियों को मतदान, संपत्ति अधिकार और सरकारी योजनाओं जैसे अधिकार मिलेंगे, जिससे 2014 के बाद भारत में आए शरणार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह घोषणा कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहाँ मुख्यमंत्री ने संविधान के तहत CAA के वादे को बनाए रखने और पारदर्शी व कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।