📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Marie Claire Korea
खेल
विश्वजीत शिंदे ने नाना के शूटिंग के प्रति जुनून और शूटरों के प्रति देखभाल की प्रशंसा की
✍️ Mid-Day
🗓 09 अक्टू. 2026, 09:01 AM
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मिड‑डे के साक्षात्कार में, शूटरों के अनुभवी व्यक्तित्व विश्वजीत शिंदे ने नाना के खेल के प्रति गहरे प्रेम और शूटरों के प्रति उनकी सच्ची देखभाल को उजागर किया।
शूटिंग समुदाय के अनुभवी व्यक्तित्व विश्वजीत शिंदे ने मिड‑डे को एक साक्षात्कार में नाना नामक शख्सियत के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में बताया। शिंदे ने कहा कि नाना का शूटिंग के प्रति उत्साह केवल व्यक्तिगत रुचि तक सीमित नहीं था; वह आसपास के शूटरों के कल्याण और विकास में गहराई से संलग्न थे।
शिंदे के अनुसार, नाना का दृष्टिकोण प्रेम और पोषणकारी रवैये का मिश्रण था, जिससे वह अक्सर उभरते टैलेंट को मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और व्यावहारिक सहायता प्रदान करते थे। इस जुनून और मेंटरशिप के संयोजन ने कई एथलीटों को शूटिंग को अधिक गंभीरता से अपनाने का माहौल बनाया।
शिंदे के ये शब्द भारतीय खेलों में समर्पित व्यक्तियों के अक्सर अनदेखे योगदान की याद दिलाते हैं। शूटरों की देखभाल करके, नाना ने एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे शिंदे ने कहा, “उनके अपने शूटिंग के प्रेम से परे है।”
शिंदे के अनुसार, नाना का दृष्टिकोण प्रेम और पोषणकारी रवैये का मिश्रण था, जिससे वह अक्सर उभरते टैलेंट को मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और व्यावहारिक सहायता प्रदान करते थे। इस जुनून और मेंटरशिप के संयोजन ने कई एथलीटों को शूटिंग को अधिक गंभीरता से अपनाने का माहौल बनाया।
शिंदे के ये शब्द भारतीय खेलों में समर्पित व्यक्तियों के अक्सर अनदेखे योगदान की याद दिलाते हैं। शूटरों की देखभाल करके, नाना ने एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे शिंदे ने कहा, “उनके अपने शूटिंग के प्रेम से परे है।”