📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deccantrap
अपराध
अलीराजपुर में सरकारी जमीन पर 8 साल से चल रहे अवैध खनन की तकनीकी जांच की मांग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 सित. 2026, 06:01 PM
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अलीराजपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत कर 8 साल से सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध पत्थर खनन की तकनीकी जांच की मांग की है।
अलीराजपुर जिले की प्रशासनिक इकाई को ग्रामीणों के एक समूह ने लिखित शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी जमीन पर बिना किसी अनुमति के पिछले आठ वर्षों से पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इस गतिविधि से पर्यावरणीय क्षति और सार्वजनिक संसाधनों का नुकसान हो रहा है।
शिकायत में उन्होंने कलेक्टर से तकनीकी जांच का आदेश देने की मांग की है, जिसमें मिट्टी के नमूने, उपग्रह चित्रण और स्थल निरीक्षण शामिल हो। साथ ही उन्होंने एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की भी अपील की है, जो जांच की निगरानी कर उचित कार्रवाई सुझा सके।
कलेक्टर कार्यालय ने अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं दिया, पर अधिकारियों ने बताया कि मामला जिला खनन निरीक्षक को प्रारम्भिक सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो मध्य प्रदेश खनन एवं खनिज (नियमन एवं विकास) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय NGOs ने ग्रामीणों के समर्थन में कहा है कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी समान अवैध उत्खनन की घटनाएं दर्ज हुई हैं और सार्वजनिक भूमि की रक्षा के लिए पारदर्शी निगरानी आवश्यक है।
शिकायत में उन्होंने कलेक्टर से तकनीकी जांच का आदेश देने की मांग की है, जिसमें मिट्टी के नमूने, उपग्रह चित्रण और स्थल निरीक्षण शामिल हो। साथ ही उन्होंने एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की भी अपील की है, जो जांच की निगरानी कर उचित कार्रवाई सुझा सके।
कलेक्टर कार्यालय ने अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं दिया, पर अधिकारियों ने बताया कि मामला जिला खनन निरीक्षक को प्रारम्भिक सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो मध्य प्रदेश खनन एवं खनिज (नियमन एवं विकास) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय NGOs ने ग्रामीणों के समर्थन में कहा है कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी समान अवैध उत्खनन की घटनाएं दर्ज हुई हैं और सार्वजनिक भूमि की रक्षा के लिए पारदर्शी निगरानी आवश्यक है।