📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
राजनीति
विजय ने पीएम मोदी को चेंनई हवाई अड्डे के नए ऑपरेटर की मांग की
✍️ The South First
🗓 24 सित. 2026, 06:01 AM
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विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा, जिसमें चेंनई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के वर्तमान प्रबंधन को लेकर नई ऑपरेटर की मांग की गई है।
चेंनई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक चिंतित नागरिक, विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा, जिसमें मौजूदा प्रबंधन को बदलकर नया ऑपरेटर नियुक्त करने की मांग की गई है। इस पत्र में वर्तमान संचालन में मौजूद कमियों को उजागर किया गया है और बताया गया है कि बदलाव से दक्षता और यात्रियों के अनुभव में सुधार हो सकता है।
विजय ने बताया कि हवाई अड्डे की संचालन संबंधी समस्याओं के कारण उड़ानों के समय‑सारिणी और सेवाओं पर असर पड़ा है, हालांकि कोई विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग की है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी या संशोधित सार्वजनिक‑निजी साझेदारी मॉडल शामिल हो सकता है।
यह अनुरोध तब आया है, जब केंद्र सरकार देश के कई हवाई अड्डों के प्रबंधन ढांचे की समीक्षा कर रही है, और कई प्रमुख हब पहले ही निजी अनुबंध के तहत चल रहे हैं। अभी तक अधिकारियों ने विजय के पत्र पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और नागरिक विमानन मंत्रालय ने चेंनई में मौजूदा ऑपरेटर को बदलने की कोई योजना की पुष्टि नहीं की है।
यदि सरकार इस सुझाव पर कार्यवाही करती है, तो यह हवाई अड्डे के भविष्य के विकास, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और बढ़ती यात्रियों की संख्या को संभालने की क्षमता पर बड़ा असर डाल सकता है।
स्टेकहोल्डर इस स्थिति को निकटता से देखेंगे, क्योंकि संचालन नियंत्रण में किसी भी बदलाव के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, तमिलनाडु राज्य सरकार और संभावित निजी साझेदारों के बीच समन्वय आवश्यक होगा।
विजय ने बताया कि हवाई अड्डे की संचालन संबंधी समस्याओं के कारण उड़ानों के समय‑सारिणी और सेवाओं पर असर पड़ा है, हालांकि कोई विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग की है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी या संशोधित सार्वजनिक‑निजी साझेदारी मॉडल शामिल हो सकता है।
यह अनुरोध तब आया है, जब केंद्र सरकार देश के कई हवाई अड्डों के प्रबंधन ढांचे की समीक्षा कर रही है, और कई प्रमुख हब पहले ही निजी अनुबंध के तहत चल रहे हैं। अभी तक अधिकारियों ने विजय के पत्र पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और नागरिक विमानन मंत्रालय ने चेंनई में मौजूदा ऑपरेटर को बदलने की कोई योजना की पुष्टि नहीं की है।
यदि सरकार इस सुझाव पर कार्यवाही करती है, तो यह हवाई अड्डे के भविष्य के विकास, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और बढ़ती यात्रियों की संख्या को संभालने की क्षमता पर बड़ा असर डाल सकता है।
स्टेकहोल्डर इस स्थिति को निकटता से देखेंगे, क्योंकि संचालन नियंत्रण में किसी भी बदलाव के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, तमिलनाडु राज्य सरकार और संभावित निजी साझेदारों के बीच समन्वय आवश्यक होगा।