📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
शिक्षा
28 साल के अनुभवी शिक्षक टीईटी शामिली की मांग, सेवा लाभ खोने का इशारा
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 03 अक्टू. 2026, 02:36 PM
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28 साल से पढ़ा रहे शिक्षक टीईटी पास करने की बाध्यता और पुरानी सेवा के लाभ न मिलने को लेकर विरोध कर रहे हैं।
भोपाल – 28 साल से पढ़ा रहे शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के दायरे में अपने आप को शामिल करने और अपनी पुरानी सेवा के लाभ न खोने की मांग की है। वे तर्क देते हैं कि नई शर्त उन्हें अयोग्य घोषित कर रही है, जबकि उन्होंने डॉक्टर‑इंजीनियर सहित कई पेशेवरों को पढ़ाया है।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे पेंशन और वरिष्ठता जैसे सेवा‑संबंधी लाभों से वंचित हो रहे हैं, जो पहले उनके लिए सुनिश्चित थे। उनका मानना है कि यह नीति अनुभवी शिक्षकों के अधिकारों को नुकसान पहुँचा रही है और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग ने बताया कि टीईटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है, परन्तु उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पूर्व सेवा को कैसे माना जाएगा। इस मुद्दे पर राज्य शिक्षा विभाग में चर्चा चल रही है, और शिक्षकों ने शीघ्र समाधान की अपील की है।
यह आंदोलन मध्य प्रदेश के शिक्षकों के संघों का समर्थन भी प्राप्त कर चुका है, जो अन्य अनुभवी कर्मचारियों के खिलाफ समान कार्रवाई की संभावना को लेकर चिंतित हैं। आगे के हफ्तों में वार्ता जारी रहने की संभावना है।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे पेंशन और वरिष्ठता जैसे सेवा‑संबंधी लाभों से वंचित हो रहे हैं, जो पहले उनके लिए सुनिश्चित थे। उनका मानना है कि यह नीति अनुभवी शिक्षकों के अधिकारों को नुकसान पहुँचा रही है और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग ने बताया कि टीईटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है, परन्तु उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पूर्व सेवा को कैसे माना जाएगा। इस मुद्दे पर राज्य शिक्षा विभाग में चर्चा चल रही है, और शिक्षकों ने शीघ्र समाधान की अपील की है।
यह आंदोलन मध्य प्रदेश के शिक्षकों के संघों का समर्थन भी प्राप्त कर चुका है, जो अन्य अनुभवी कर्मचारियों के खिलाफ समान कार्रवाई की संभावना को लेकर चिंतित हैं। आगे के हफ्तों में वार्ता जारी रहने की संभावना है।