📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Film Companion South
मनोरंजन
अनाथ नाग ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार को कर्नाटक को समर्पित किया
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 18 सित. 2026, 04:33 AM
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प्रसिद्ध कर्नाटक अभिनेता अनाथ नाग ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार को कर्नाटक को समर्पित किया, अपने कलात्मक सफर में राज्य की भूमिका को सराहा।
प्रसिद्ध कर्नाटक अभिनेता अनाथ नाग ने हाल ही में आयोजित समारोह में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त किया, जो भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान है। पुरस्कार स्वीकार करते हुए उन्होंने इसे कर्नाटक राज्य को समर्पित किया, यह बताते हुए कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और फिल्म समुदाय ने उनके करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पाँच दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाले नाग, जिन्होंने "नगरहावु" और "मालगुडी डेज़" जैसी फ़िल्मों से कर्नाटक सिनेमा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कला‑समुदाय, दर्शक और सहयोगियों ने उन्हें थिएटर से बड़े पर्दे तक का सफर तय करने का मंच प्रदान किया।
यह समर्पण अभिनेता और उनके गृह राज्य के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है, और कई वरिष्ठ कलाकारों की कर्नाटक की सिनेमा में योगदान के प्रति गर्व को उजागर करता है। उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे इशारे राज्य को प्रतिभा के पोषण स्थल के रूप में उसकी प्रतिष्ठा को और मजबूत करते हैं।
अधिक टिप्पणी नहीं मिलने के बावजूद, नाग का यह कदम प्रदेश के युवा फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं को प्रेरित करने की उम्मीद है, जिससे कर्नाटक को सांस्कृतिक और सिनेमाई गतिविधियों के एक जीवंत केंद्र के रूप में पुनः स्थापित किया जा सकेगा।
पाँच दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाले नाग, जिन्होंने "नगरहावु" और "मालगुडी डेज़" जैसी फ़िल्मों से कर्नाटक सिनेमा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कला‑समुदाय, दर्शक और सहयोगियों ने उन्हें थिएटर से बड़े पर्दे तक का सफर तय करने का मंच प्रदान किया।
यह समर्पण अभिनेता और उनके गृह राज्य के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है, और कई वरिष्ठ कलाकारों की कर्नाटक की सिनेमा में योगदान के प्रति गर्व को उजागर करता है। उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे इशारे राज्य को प्रतिभा के पोषण स्थल के रूप में उसकी प्रतिष्ठा को और मजबूत करते हैं।
अधिक टिप्पणी नहीं मिलने के बावजूद, नाग का यह कदम प्रदेश के युवा फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं को प्रेरित करने की उम्मीद है, जिससे कर्नाटक को सांस्कृतिक और सिनेमाई गतिविधियों के एक जीवंत केंद्र के रूप में पुनः स्थापित किया जा सकेगा।