📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jagadeesh93
अपराध
वीरमणि के सहयोगियों ने चेन्नई पीओसीएसओ मामले में जमानत की याचिका दायर, कोर्ट ने मांगी प्रतिक्रिया
✍️ India Today
🗓 25 सित. 2026, 06:50 AM
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वीरमणि के सहयोगियों ने चेन्नई में पीओसीएसओ अधिनियम के तहत चल रहे मामले में जमानत की याचिका दायर की है, और कोर्ट ने अभियोजन से जवाब देने को कहा है।
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने पीओसीएसओ (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में वीरमणि के कई सहयोगियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मुकदमे के दौरान उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। कोर्ट ने तत्काल निर्णय नहीं दिया और अभियोजन पक्ष को जमानत याचिकाओं पर अपना उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट की प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही जमानत प्रदान की जाएगी या नहीं, इसका निर्धारण होगा। इस सुनवाई में आरोपों की विस्तृत जानकारी या आरोपी के नाम का उल्लेख नहीं किया गया।
पीओसीएसओ मामलों में नाबालिगों के खिलाफ alleged अपराधों को कड़ी कानूनी प्रावधानों के तहत जांचा जाता है, और जमानत की याचिकाओं को इन नियमों के अनुसार ही मूल्यांकित किया जाता है। कोर्ट की प्रतिक्रिया की मांग इस प्रक्रिया के एक आवश्यक चरण को दर्शाती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निर्णय अभियोजन पक्ष के इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या आरोपी द्वारा सबूत छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम है, तथा आरोपों की गंभीरता क्या है। अगली सुनवाई में अभियोजन की प्रतिक्रिया और जमानत पर कोर्ट का अंतिम निर्णय सुना जाएगा।
पीओसीएसओ मामलों में नाबालिगों के खिलाफ alleged अपराधों को कड़ी कानूनी प्रावधानों के तहत जांचा जाता है, और जमानत की याचिकाओं को इन नियमों के अनुसार ही मूल्यांकित किया जाता है। कोर्ट की प्रतिक्रिया की मांग इस प्रक्रिया के एक आवश्यक चरण को दर्शाती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निर्णय अभियोजन पक्ष के इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या आरोपी द्वारा सबूत छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम है, तथा आरोपों की गंभीरता क्या है। अगली सुनवाई में अभियोजन की प्रतिक्रिया और जमानत पर कोर्ट का अंतिम निर्णय सुना जाएगा।