🔥 TRENDING Mysuru Maharani’s Stunning Cake Art Ca... BMTC launches new feeder bus services... પ્રાથમિક શાળા ચાસા ના વિદ્યાર્થીઓ ગરબે... Karnataka Cabinet Approves ₹729 Crore... దసరా పండుగ ఏ రోజు జరుపుకోవాలి అనే విషయ... बांका में दुर्गा पूजा की सुरक्षा के लि...
17 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
व्यवस्था उन जैसे हजारों सामान्य नागरिकों के लिए संजीवनी का काम कर रही है।
Local

व्यवस्था उन जैसे हजारों सामान्य नागरिकों के लिए संजीवनी का काम कर रही है।

✍️ Reporter: ROHIT KUMAR 🗓 17 Oct 2026, 07:08 PM 👁 19
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

विश्वराज ने बताया कि नए प्रावधानों से सड़क पर घायलों की मदद करने वाले राहगीरों पर भी अस्पताल का बिल चुकाने या कानूनी पूछताछ का कोई दबाव नहीं रहता,

ब्यूरो चीफ रोमेद्र कुमार सोनवानी बालोद जिला छत्तीसगढ़

सेवा की कहानी
सड़क हादसों में जीवन रक्षक बना ’गोल्डन ऑवर’ का सुरक्षा कवच: पीएम-राहत योजना
ग्राम करहीभदर के विश्वराज को मिला त्वरित व कैशलेस उपचार
डायल 112, ई-डीएआर और स्वास्थ्य तंत्र के डिजिटल समन्वय से बची अनमोल जिंदगी

सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की जान बचाने के लिए दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे नाजुक और निर्णायक समय होता है। पूर्व में कई बार यह देखा जाता था कि गंभीर रूप से घायल मरीज के अस्पताल पहुंचने पर परिजन के आने या पहले पैसे जमा कराने जैसी औपचारिकताओं के फेर में अमूल्य समय नष्ट हो जाता था। इस गंभीर समस्या का स्थायी और संवेदनशील समाधान निकालते हुए शासन द्वारा लागू की गई पीएम-राहत योजना आज सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। जिले के ग्राम करहीभदर निवासी श्री विश्वराज ठाकुर का मामला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, जहां त्वरित उपचार ने उनकी जान बचाकर परिवार को उजड़ने से बचा लिया।

पाकुरभाट के पास हुआ था गंभीर हादसा, गोल्डन ऑवर में मिला जीवनदान

अपनी आपबीती साझा करते हुए ग्राम करहीभरद निवासी विश्वराज ठाकुर ने बताया कि विगत 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर वे अपने दोपहिया वाहन से बालोद की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम पाकुरभाट के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण वे बेसुध हो गए। मौके पर मौजूद जागरूक राहगीरों ने बिना किसी कानूनी झिझक के तत्काल आपातकालीन डायल 112 को सूचना दी। डायल 112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ’गोल्डन ऑवर’ के भीतर ही उन्हें जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बिना एक पल गंवाए सीधे आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं देते हुए आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं शुरू कर दीं।

विश्वराज ने बताया कि अस्पताल में उनसे या उनके परिजनों से किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि की मांग नहीं की गई। पीएम-राहत योजना के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पताल पहुंचते ही उपचार तत्काल प्रारंभ हो। इस योजना के अंतर्गत घायल के इलाज का खर्च वहन किया जाता है। इससे अस्पतालों को भी भुगतान की चिंता नहीं रहती और वे बिना किसी हिचकिचाहट के उच्चस्तरीय सर्जरी और आपातकालीन सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराते हैं।

डिजिटल समन्वय, ई-डीएआर और टीएमएस पोर्टल से कागजी झंझट खत्म

यह पूरी प्रणाली पुलिस के इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम से डिजिटल रूप से जुड़ी हुई है। अस्पताल में मरीज के दाखिल होते ही पूरा डेटा ऑनलाइन सिंक हो जाता है, जिससे पीड़ित और उसके परिवारजनों को दफ्तरों या बिलिंग काउंटरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। साथ ही ’हिट-एंड-रन’ या अज्ञात वाहन की टक्कर के मामलों में भी इस योजना के तहत बिना किसी भेदभाव के प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क इलाज की गारंटी मिलती है।

मददगारों (गुड सेमेरिटन्स) को मिला हौसला, हेलमेट पहनने की अपील

विश्वराज ने बताया कि नए प्रावधानों से सड़क पर घायलों की मदद करने वाले राहगीरों पर भी अस्पताल का बिल चुकाने या कानूनी पूछताछ का कोई दबाव नहीं रहता, जिससे आमजन अब तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने आगे आ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें, क्योंकि एक छोटी सी सुरक्षा जिंदगी की सबसे बड़ी ढाल बनती है।
मुसीबत के समय बिना किसी आर्थिक बोझ के नया जीवन पाने पर विश्वराज ठाकुर ने देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की यह संवेदनशील व्यवस्था उन जैसे हजारों सामान्य नागरिकों के लिए संजीवनी का काम कर रही है।
📲Get App