🔥 TRENDING କୋରାପୁଟର ସାଧାରଣ ପିଲା ନେସ୍‌ନାଲା ବଲିଉଡ଼ୁ... પંચમહાલમાં ડિશા કમિટીની બેઠકમાં કલ્યાણ... MP Government Shakes Up Police Ranks,... MP Government Shakes Up IAS Ranks: Fiv... Cheetah Dies After Pellet Gun Injuries... મંગરોળ‑વાલિયા તાલુકાઓને જોડતા કીમ નદીન...
27 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

विदिशा जिले में गोबर के दीये निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 27 Oct 2026, 10:37 PM 👁 13
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मध्यप्रदेश के ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विदिशा में गोबर के दीये बनाकर 35 लाख लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिससे महिलाओं को आय और स्वरोजगार मिलेगा।

मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, विदिशा द्वारा दीपावली के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोबर के दीये तैयार किए जा रहे हैं। वर्ष 2026‑27 के लिए जिले में कुल 35 लाख गोबर के दीये बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस पहल के लिए जिले में 10 मशीनें तथा 187 दीपक संसाधन साखा केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 3,27,800 गोबर के दीये तैयार किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आय के नए स्रोत सृजित हुए हैं।

जनपद पंचायतवार लक्ष्य के अनुसार विदिशा में 5 लाख, कुरवाई में 5 लाख, नटेरन में 3 लाख, ग्यारसपुर में 5 लाख, बासौदा में 6 लाख, लटेरी में 6 लाख तथा सिरोंज में 5 लाख दीये तैयार करने का नियोजन है। अब तक विदिशा में 1 मशीन और 24 केंद्रों के माध्यम से 1,05,000 दीये, कुरवाई में 2 मशीन और 36 केंद्रों से 80,800 दीये, नटेरन में 3 मशीन और 20 केंद्रों से 25,000 दीये, ग्यारसपुर में 19 केंद्रों से 36,000 दीये, बासौदा में 3 मशीन और 29 केंद्रों से 33,000 दीये, लटेरी में 1 मशीन और 35 केंद्रों से 32,500 दीये तथा सिरोंज में 1 मशीन और 24 केंद्रों से 15,500 दीये तैयार किए जा चुके हैं।

गोबर के दीये निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को उत्पादन एवं विपणन से जोड़ते हुए आजीविका सुदृढ़ हो रही है। यह पहल न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करती है, बल्कि पारंपरिक मिट्टी के दीयों की जगह पर्यावरण‑अनुकूल गोबर के दीयों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करती है, जिससे दीपावली के दौरान प्रदूषण में कमी आएगी। जिला पंचायत एवं मिशन द्वारा इस कार्यक्रम को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के साथ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण मिल सके।
📲Get App