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17 सित. 2026
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धर्म

विश्वकर्मा पूजा को लेकर उरई में उत्साह, विधि-विधान से होगी भगवान विश्वकर्मा की आराधना

✍️ रिपोर्टर: Pankaj Gupta 🗓 17 सित. 2026, 07:28 AM 👁 16
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श्रम, हुनर और कर्म के सम्मान का पर्व है विश्वकर्मा पूजा

उरई, जिला जालौन। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर जिले में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और निर्माण एवं तकनीकी कार्यों का देवता माना जाता है। इस अवसर पर कारखानों, वर्कशॉप, प्रतिष्ठानों, निर्माण स्थलों तथा विभिन्न तकनीकी संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के दौरान औजारों, मशीनों एवं कार्यस्थल की साफ-सफाई कर विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया जाता है। श्रद्धालु अपने कार्य में उन्नति, सफलता, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। विश्वकर्मा पूजा का संदेश “श्रम ही पूजा है, कर्म ही सच्चा धर्म है” के भाव से जुड़ा है। मेहनत, हुनर और कर्म के प्रति सम्मान का यह पर्व श्रमिकों, कारीगरों, इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। उरई सहित जिला जालौन में भी विश्वकर्मा पूजा को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न स्थानों पर पूजा की तैयारियां की जा रही हैं और लोग भगवान विश्वकर्मा से अपने कार्यों में सफलता एवं जीवन में खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।
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