Health
वाराणसी जनपद ने स्वास्थ्य रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में प्रथम स्थान प्राप्त किया
सितंबर 2026 की हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी जनपद ने 74% समग्र स्कोर के साथ प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अराजीलाइन, पिंडरा और सेवापुरी विकासखंड ने क्रमशः 78%, 76% और 75% के स्कोर से शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा किया।
वाराणसी जनपद ने सितंबर 2026 की जारी हेल्थ रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसका समग्र स्कोर 74 प्रतिशत रहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह के अनुसार, विकासखंड स्तर पर अराजीलाइन ने 78 प्रतिशत के समग्र स्कोर के साथ प्रथम, पिंडरा ने 76 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा सेवापुरी ने 75 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है।
जनपद ने सिजेरियन प्रसव से संबंधित निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहाँ जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के दोनों प्रमुख संकेतकों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच, पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व जांच तथा नवजात शिशुओं को गृह आधारित नवजात देखभाल सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों पर भी विकासखंडों में सराहनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया।
सीएमओ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की, और कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, बेहतर कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी का परिणाम है। उन्होंने अन्य चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य इकाइयों को भी अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाने, निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा करने तथा शासन की प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह के अनुसार, विकासखंड स्तर पर अराजीलाइन ने 78 प्रतिशत के समग्र स्कोर के साथ प्रथम, पिंडरा ने 76 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा सेवापुरी ने 75 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है।
जनपद ने सिजेरियन प्रसव से संबंधित निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहाँ जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के दोनों प्रमुख संकेतकों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच, पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व जांच तथा नवजात शिशुओं को गृह आधारित नवजात देखभाल सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों पर भी विकासखंडों में सराहनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया।
सीएमओ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की, और कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, बेहतर कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी का परिणाम है। उन्होंने अन्य चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य इकाइयों को भी अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाने, निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा करने तथा शासन की प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।