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वाराणसी: होटल काशिका के मालिक योगेश वर्मा ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, प्रदूषण मुक्त उत्सव का किया आह्वान
होटल काशिका के स्वामी योगेश वर्मा ने काशीवासियों को दीपावली की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु कम पटाखे जलाने की अपील की है।
वाराणसी। होटल काशिका के मालिक योगेश वर्मा ने 'नीड 24 न्यूज' से विशेष बातचीत में समस्त काशीवासियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दीपावली को हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार बताते हुए कहा कि पूरे देश में इसे दीप जलाकर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर योगेश वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए काशीवासियों से निवेदन किया कि वे इस पर्व पर अधिक से अधिक संख्या में घर पर दीप प्रज्वलित करें और पटाखों का उपयोग न्यूनतम करें, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हिंदुत्व और समाज कल्याण के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से इन विचारधाराओं से जुड़ा हुआ है और हमें अपने धर्म को आगे बढ़ाते हुए त्योहारों को गरिमा के साथ मनाना चाहिए।
योगेश वर्मा की सुपुत्री देवांशी वर्मा ने भी सभी बड़ों और मित्रों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्व के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दीपावली का त्यौहार भगवान श्री राम के 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर और रावण का वध कर अयोध्या आगमन की खुशी में मनाया जाता है।
इस अवसर पर योगेश वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए काशीवासियों से निवेदन किया कि वे इस पर्व पर अधिक से अधिक संख्या में घर पर दीप प्रज्वलित करें और पटाखों का उपयोग न्यूनतम करें, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हिंदुत्व और समाज कल्याण के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से इन विचारधाराओं से जुड़ा हुआ है और हमें अपने धर्म को आगे बढ़ाते हुए त्योहारों को गरिमा के साथ मनाना चाहिए।
योगेश वर्मा की सुपुत्री देवांशी वर्मा ने भी सभी बड़ों और मित्रों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्व के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दीपावली का त्यौहार भगवान श्री राम के 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर और रावण का वध कर अयोध्या आगमन की खुशी में मनाया जाता है।