📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ASHUTOSH RAWAT
यात्रा
उत्तarakhand में नई आध्यात्मिक‑सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट की योजना
✍️ ET TravelWorld
🗓 29 सित. 2026, 08:36 PM
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उत्तarakhand सरकार ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना की घोषणा की, जिससे यात्रियों की संख्या और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य के पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तarakhand इस वर्ष के अंत तक विशेष रूप से तैयार किए गए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के कई तीर्थस्थलों, विरासत स्मारकों और पारम्परिक कला रूपों को एकीकृत यात्रा मार्गों में समेटना है, जिससे घरेलू और विदेशी दोनों यात्रियों को आकर्षित किया जा सके।
प्रस्तावित सर्किट में चार धाम के तीर्थस्थल, गढ़वाल के प्राचीन मंदिर, कुमाऊँ के लोक कला गाँव और हिमालयी तलहटी के ऐतिहासिक किले शामिल होंगे। प्रत्येक मार्ग को उन्नत संकेत, यात्रियों के केंद्र और स्थानीय रीति-रिवाज व व्यंजनों को प्रदर्शित करने वाले अनुभवों से सुसज्जित किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि नए सर्किट से पर्यटक संख्या में स्पष्ट वृद्धि होगी, जिससे मार्गों के साथ जुड़े गाँवों में रोजगार और आय में इजाफा होगा। इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य के पर्यटन बजट से प्रदान की जाएगी, साथ ही विरासत को बढ़ावा देने वाले केंद्रीय योजनाओं से भी संभावित सहयोग मिलेगा।
पर्यटन मंत्रालय एक समन्वित मार्केटिंग अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है, जिसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और यात्रा ऑपरेटरों के साथ साझेदारी करके उत्तarakhand की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आकर्षणों को आगामी पीक सीज़न से पहले उजागर किया जाएगा।
प्रस्तावित सर्किट में चार धाम के तीर्थस्थल, गढ़वाल के प्राचीन मंदिर, कुमाऊँ के लोक कला गाँव और हिमालयी तलहटी के ऐतिहासिक किले शामिल होंगे। प्रत्येक मार्ग को उन्नत संकेत, यात्रियों के केंद्र और स्थानीय रीति-रिवाज व व्यंजनों को प्रदर्शित करने वाले अनुभवों से सुसज्जित किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि नए सर्किट से पर्यटक संख्या में स्पष्ट वृद्धि होगी, जिससे मार्गों के साथ जुड़े गाँवों में रोजगार और आय में इजाफा होगा। इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य के पर्यटन बजट से प्रदान की जाएगी, साथ ही विरासत को बढ़ावा देने वाले केंद्रीय योजनाओं से भी संभावित सहयोग मिलेगा।
पर्यटन मंत्रालय एक समन्वित मार्केटिंग अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है, जिसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और यात्रा ऑपरेटरों के साथ साझेदारी करके उत्तarakhand की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आकर्षणों को आगामी पीक सीज़न से पहले उजागर किया जाएगा।