📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Archit022
राजनीति
उत्तarakhand मंत्री सुबोध उनीयाल ने दलेर मेहंदी को सार्वजनिक डांट का बचाव किया
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 01:33 AM
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उत्तarakhand के मंत्री सुबोध उनीयाल ने कहा कि दलेर मेहंदी को तब ठीक न होते हुए कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए, और अपनी सार्वजनिक निंदा का बचाव किया।
उत्तarakhand के मंत्री सुबोध उनीयाल ने लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी को तब भी कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए सार्वजनिक रूप से टोक दिया, जबकि वह अस्वस्थ रहने की खबर थी। उनीयाल ने कहा कि कलाकार को घर रहना चाहिए था ताकि उपस्थित लोगों को कोई जोखिम न हो, और उनका यह बयान जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से था।
जब उनके बयान के स्वर पर सवाल उठे, तो उनीयाल ने दोहराया कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे किसी भी व्यवहार को हतोत्साहित करें जो सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकता है, विशेषकर वर्तमान स्वास्थ्य माहौल में। उन्होंने कहा कि यह आलोचना व्यक्तिगत नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा मानदंडों को सुदृढ़ करने के लिए थी।
मंत्री की इस डांट को मीडिया ने बड़े ध्यान से देखा है, क्योंकि यह एक राजनीतिक हस्ती द्वारा एक सेलिब्रिटी को स्वास्थ्य‑संबंधी लापरवाही के लिए सार्वजनिक रूप से फटकारने का दुर्लभ मामला है। अब तक इस पर कोई कानूनी कार्रवाई या औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
यह घटना सार्वजनिक सभाओं पर बढ़ती निगरानी और अधिकारियों व सार्वजनिक हस्तियों दोनों से स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने की अपेक्षा को उजागर करती है।
उनीयाल और मेहंदी दोनों ने इस प्रारंभिक बातचीत के बाद कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है, और यह मुद्दा क्षेत्रीय समाचारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
जब उनके बयान के स्वर पर सवाल उठे, तो उनीयाल ने दोहराया कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे किसी भी व्यवहार को हतोत्साहित करें जो सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकता है, विशेषकर वर्तमान स्वास्थ्य माहौल में। उन्होंने कहा कि यह आलोचना व्यक्तिगत नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा मानदंडों को सुदृढ़ करने के लिए थी।
मंत्री की इस डांट को मीडिया ने बड़े ध्यान से देखा है, क्योंकि यह एक राजनीतिक हस्ती द्वारा एक सेलिब्रिटी को स्वास्थ्य‑संबंधी लापरवाही के लिए सार्वजनिक रूप से फटकारने का दुर्लभ मामला है। अब तक इस पर कोई कानूनी कार्रवाई या औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
यह घटना सार्वजनिक सभाओं पर बढ़ती निगरानी और अधिकारियों व सार्वजनिक हस्तियों दोनों से स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने की अपेक्षा को उजागर करती है।
उनीयाल और मेहंदी दोनों ने इस प्रारंभिक बातचीत के बाद कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है, और यह मुद्दा क्षेत्रीय समाचारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।