📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashok Prabhu
राजनीति
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने श्रीमात एक्सप्रेस अख़बार के ब्लैकलिस्ट को रोका
✍️ Live Law
🗓 07 नव. 2026, 01:02 AM
👁 21
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने श्रीमात एक्सप्रेस अख़बार के ब्लैकलिस्ट और उसके संपादक को प्रिंट से हटाने के आदेश को रोका, जिससे अख़बार का कानूनी दर्जा बहाल हुआ।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आज श्रीमात एक्सप्रेस अख़बार के ब्लैकलिस्ट के विरुद्ध एक स्थगन आदेश जारी किया, जिससे संपादक को प्रिंट से हटाने के निर्णय को भी उलट दिया गया।
ब्लैकलिस्ट को एक उच्च प्राधिकरण द्वारा लगाया गया था, जिसके कारण अख़बार का प्रसार बंद हो गया था। न्यायालय के आदेश से अख़बार फिर से अपनी क़ानूनी स्थिति बहाल कर सकता है।
साथ ही, न्यायालय ने संपादक को प्रिंट से हटाने के निर्णय को भी रोका, जिससे संपादकीय टीम बिना किसी बाधा के कार्य कर सकती है।
यह निर्णय राज्य में प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे श्रीमात एक्सप्रेस अपनी नियमित प्रकाशन प्रक्रिया फिर से शुरू कर सके।
ब्लैकलिस्ट को एक उच्च प्राधिकरण द्वारा लगाया गया था, जिसके कारण अख़बार का प्रसार बंद हो गया था। न्यायालय के आदेश से अख़बार फिर से अपनी क़ानूनी स्थिति बहाल कर सकता है।
साथ ही, न्यायालय ने संपादक को प्रिंट से हटाने के निर्णय को भी रोका, जिससे संपादकीय टीम बिना किसी बाधा के कार्य कर सकती है।
यह निर्णय राज्य में प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे श्रीमात एक्सप्रेस अपनी नियमित प्रकाशन प्रक्रिया फिर से शुरू कर सके।