📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
अपराध
उत्तराखंड HC: शराब की गंध से साबित नहीं होता मामला
✍️ Hindustan Times
🗓 17 जुल. 2026, 05:17 AM
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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि ड्राइवर के मुंह से शराब की गंध आने से ही शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला साबित नहीं होता। यह फैसला ऐसे मामलों में ठोस सबूत के महत्व को रेखांकित करता है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायालय के अनुसार, ड्राइवर के मुंह से शराब की गंध आना ही शराब के प्रभाव में ड्राइविंग करने के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह फैसला अधिक ठोस सबूत, जैसे कि रक्त परीक्षण या अन्य ठोस प्रमाण, की आवश्यकता पर जोर देता है ताकि ऐसे मामलों में दोषी साबित किया जा सके। यह निर्णय राज्य में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों के संचालन के लिए परिणामों को जन्म देने की उम्मीद है। यह सुनिश्चित करने के लिए आरोपी के अधिकारों की रक्षा करते हुए सड़क सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व पर बल देता है। न्यायालय का निर्णय यह याद दिलाता है कि कानूनी प्रणाली व्यक्तियों को दोषी ठहराने के लिए ठोस प्रमाणों की आवश्यकता होती है, और केवल संदेह या परिस्थितिजन्य प्रमाण पर्याप्त नहीं है।