📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
अपराध
उत्तरा प्रदेश उच्च न्यायालय ने तय किया: टिंडर पर रिश्ते के टूटने से नहीं हो सकता रैप केस
✍️ The Indian Express
🗓 21 जुल. 2026, 06:08 PM
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उत्तरा प्रदेश उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि टिंडर पर हुए रिश्ते के टूटने से रैप केस दायर नहीं किया जा सकता।
उत्तरा प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज यह स्पष्ट किया कि टिंडर पर बने रिश्ते के टूटने को रैप केस दायर करने का आधार नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने कहा कि रैप एक अपराध है जिसके लिए यौन आक्रमण का वास्तविक कार्य आवश्यक है, न कि केवल रिश्ते का समाप्त होना।
निर्णय में न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग करके निराधार या प्रतिशोधी आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि कानून वास्तविक यौन हिंसा से पीड़ितों की रक्षा के लिए है, और एक ब्रेकअप उस मानदंड को पूरा नहीं करता।
यह रुख ऑनलाइन डेटिंग से उत्पन्न विवादों के निपटारे में एक मिसाल कायम कर सकता है। यह निर्णय यह भी याद दिलाता है कि आपराधिक कानून व्यक्तिगत शिकायतों के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक अपराधों के लिए है।
निर्णय में न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग करके निराधार या प्रतिशोधी आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि कानून वास्तविक यौन हिंसा से पीड़ितों की रक्षा के लिए है, और एक ब्रेकअप उस मानदंड को पूरा नहीं करता।
यह रुख ऑनलाइन डेटिंग से उत्पन्न विवादों के निपटारे में एक मिसाल कायम कर सकता है। यह निर्णय यह भी याद दिलाता है कि आपराधिक कानून व्यक्तिगत शिकायतों के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक अपराधों के लिए है।