📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Heba Aisha
राजनीति
उत्तर प्रदेश में छोटे दल RLD‑SBSP सरकार बनाते हैं निर्णायक भूमिका
✍️ The Week
🗓 08 नव. 2026, 05:16 PM
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विश्लेषकों का मानना है कि छोटे दल RLD और SBSP, अपनी सीमित ताकत के बावजूद, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन बनाकर सत्ता तय कर सकते हैं।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा के बीच तीव्र मुकाबला होने की संभावना है, पर दोनों को अकेले बहुमत हासिल करने की उम्मीद नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कई छोटे क्षेत्रीय दलों के वोटों का योग सरकार बनाते समय निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र लोक दल (RLD), जिसका नेतृत्व चौधरी परिवार करता है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट और अन्य ओबीसी समुदायों में गहरी जड़ें रखता है। हालिया उपचुनावों में इस दल ने अपने प्रमुख क्षेत्रों में समर्थन बनाए रखा, जिससे इसकी महत्त्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट होती है।
समान महत्व का है सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP), जो पूर्वी जिलों में राजभर और अन्य दलित वर्गों से वोटों को आकर्षित करता है। SBSP ने पहले भाजपा और सपा दोनों के साथ गठबंधन किया है, और अपनी सीमित सीटों का उपयोग नीति लाभ और मंत्रिस्तरीय पदों के लिए वार्ता में किया है।
वोटर आधार के बिखराव को देखते हुए, यदि RLD और SBSP मिलकर किसी बड़े गठबंधन में शामिल होते हैं तो वह बहुमत तय कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये छोटे दल कृषि सुधार, सामाजिक कल्याण और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर प्रतिबद्धताएँ लेकर ही किसी भी सरकार का समर्थन देंगे।
राष्ट्र लोक दल (RLD), जिसका नेतृत्व चौधरी परिवार करता है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट और अन्य ओबीसी समुदायों में गहरी जड़ें रखता है। हालिया उपचुनावों में इस दल ने अपने प्रमुख क्षेत्रों में समर्थन बनाए रखा, जिससे इसकी महत्त्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट होती है।
समान महत्व का है सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP), जो पूर्वी जिलों में राजभर और अन्य दलित वर्गों से वोटों को आकर्षित करता है। SBSP ने पहले भाजपा और सपा दोनों के साथ गठबंधन किया है, और अपनी सीमित सीटों का उपयोग नीति लाभ और मंत्रिस्तरीय पदों के लिए वार्ता में किया है।
वोटर आधार के बिखराव को देखते हुए, यदि RLD और SBSP मिलकर किसी बड़े गठबंधन में शामिल होते हैं तो वह बहुमत तय कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये छोटे दल कृषि सुधार, सामाजिक कल्याण और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर प्रतिबद्धताएँ लेकर ही किसी भी सरकार का समर्थन देंगे।