📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
बिज़नेस
उttar प्रदेश के स्वयं‑सहायता समूहों के उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध
✍️ Business Standard
🗓 16 सित. 2026, 09:32 AM
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उttar प्रदेश सरकार ने राज्य के स्वयं‑सहायता समूहों के निर्मित उत्पादों को प्रमुख ई‑कॉमर्स साइटों पर उपलब्ध कराकर ग्रामीण कारीगरों के बाजार तक पहुँच बढ़ाने का निर्णय लिया।
उttar प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि राज्य भर के स्वयं‑सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा निर्मित उत्पाद प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण कारीगरों, विशेषकर महिला शिल्पकारों, को सीधे शहरी उपभोक्ताओं से जोड़ने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस योजना के तहत एसएचजी सदस्यों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें उत्पाद सत्यापन, गुणवत्ता जांच और लॉजिस्टिक समन्वय शामिल है। सरकारी एजेंसियां प्रमुख ई‑कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी करके सूचीकरण, भुगतान और डिलीवरी को सुगम बनाएंगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य की डिजिटल समावेशन नीति के अनुरूप है और प्रारंभिक चरण में कुछ चयनित प्लेटफ़ॉर्म पर पायलट रूप में लागू की जाएगी। ऑनलाइन खरीदारों की बढ़ती संख्या का लाभ उठाकर इस कार्यक्रम से हजारों एसएचजी सदस्यों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
सफलता मिलने पर इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है, जिससे पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का एक स्केलेबल रास्ता तैयार होगा।
इस योजना के तहत एसएचजी सदस्यों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें उत्पाद सत्यापन, गुणवत्ता जांच और लॉजिस्टिक समन्वय शामिल है। सरकारी एजेंसियां प्रमुख ई‑कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी करके सूचीकरण, भुगतान और डिलीवरी को सुगम बनाएंगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य की डिजिटल समावेशन नीति के अनुरूप है और प्रारंभिक चरण में कुछ चयनित प्लेटफ़ॉर्म पर पायलट रूप में लागू की जाएगी। ऑनलाइन खरीदारों की बढ़ती संख्या का लाभ उठाकर इस कार्यक्रम से हजारों एसएचजी सदस्यों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
सफलता मिलने पर इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है, जिससे पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का एक स्केलेबल रास्ता तैयार होगा।