📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Blue cab
मौसम
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसून के बाद ‘दूसरी गर्मी’ का सामना
✍️ ThePrint
🗓 30 सित. 2026, 02:38 PM
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मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि मानसून के जल्दी हटने से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस मौसम में दूसरी गर्मी आएगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक चेतावनी जारी की है जिसमें बताया गया है कि मध्य और उत्तरी भारत में मानसून की धारा अपेक्षा से तेज़ी से हट रही है। इसके चलते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसून के हटने के कुछ ही हफ्तों में ‘दूसरी गर्मी’ या ‘सेकंड समर’ का सामना करना पड़ सकता है।
आगामी दिनों में इन राज्यों में दिन के समय तापमान 42‑45°C तक पहुंचने की संभावना है, जबकि नमी में तीव्र गिरावट देखी जाएगी। IMD ने चेतावनी दी है कि ऐसी परिस्थितियों में गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं, विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और रोगग्रस्त लोगों के लिए।
कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि अनपेक्षित गर्मी से फसलें, जो पहले ही देर से बरसात से प्रभावित हो चुकी हैं, और अधिक तनाव में आ सकती हैं, जिससे गेहूँ और सरसों की पैदावार पर असर पड़ सकता है। प्रभावित राज्यों के अधिकारियों को हीट‑ऐक्शन प्लान सक्रिय करने, कूलिंग सेंटर स्थापित करने और जलयोजन व धूप से बचाव के बारे में सार्वजनिक सलाह जारी करने का निर्देश दिया गया है।
यह चेतावनी तब आई है जब देश में मानसून की प्रगति पर नज़र रखी जा रही है, जो अब तक लगभग 70% क्षेत्र को कवर कर चुका है, परन्तु मध्य क्षेत्रों में देरी देखी जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएँ।
आगामी दिनों में इन राज्यों में दिन के समय तापमान 42‑45°C तक पहुंचने की संभावना है, जबकि नमी में तीव्र गिरावट देखी जाएगी। IMD ने चेतावनी दी है कि ऐसी परिस्थितियों में गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं, विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और रोगग्रस्त लोगों के लिए।
कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि अनपेक्षित गर्मी से फसलें, जो पहले ही देर से बरसात से प्रभावित हो चुकी हैं, और अधिक तनाव में आ सकती हैं, जिससे गेहूँ और सरसों की पैदावार पर असर पड़ सकता है। प्रभावित राज्यों के अधिकारियों को हीट‑ऐक्शन प्लान सक्रिय करने, कूलिंग सेंटर स्थापित करने और जलयोजन व धूप से बचाव के बारे में सार्वजनिक सलाह जारी करने का निर्देश दिया गया है।
यह चेतावनी तब आई है जब देश में मानसून की प्रगति पर नज़र रखी जा रही है, जो अब तक लगभग 70% क्षेत्र को कवर कर चुका है, परन्तु मध्य क्षेत्रों में देरी देखी जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएँ।