📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anay.m.tripathi
कृषि
उ.प्र. की पहल से कलानामक चावल की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलोग्राम
✍️ India Today
🗓 27 अग. 2026, 01:02 AM
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उ.प्र. सरकार की कलानामक चावल को बढ़ावा देने की नीति से किसान की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जिससे बाजार में बदलाव आया।
राज्य के कृषि विभाग ने परम्परागत कलानामक चावल को पुनर्जीवित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया, जो अपनी सुगंध और भौगोलिक संकेत टैग के लिए जाना जाता है। इस पहल के बाद किसान की कीमत लगभग 50 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जैसा कि स्थानीय व्यापारियों ने बताया।
उत्त प्रदेश के कई जिलों के किसान इस बढ़ती कीमत को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं और अधिक भूमि इस फसल पर लगाते हुए बेहतर बाजार संपर्क स्थापित कर रहे हैं। उच्च कीमत ने निजी खरीदारों और सहकारी संस्थाओं को भी आकर्षित किया है, जिससे एक व्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला बन रही है जो उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कीमत में वृद्धि लक्षित राज्य समर्थन के प्रभाव को दर्शाती है। जबकि वर्तमान उछाल केवल कलानामक तक सीमित है, अधिकारी आशा करते हैं कि इस मॉडल को अन्य स्वदेशी किस्मों में दोहराया जा सके, जिससे राज्य भर में ग्रामीण आय में वृद्धि हो सके।
उत्त प्रदेश के कई जिलों के किसान इस बढ़ती कीमत को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं और अधिक भूमि इस फसल पर लगाते हुए बेहतर बाजार संपर्क स्थापित कर रहे हैं। उच्च कीमत ने निजी खरीदारों और सहकारी संस्थाओं को भी आकर्षित किया है, जिससे एक व्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला बन रही है जो उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कीमत में वृद्धि लक्षित राज्य समर्थन के प्रभाव को दर्शाती है। जबकि वर्तमान उछाल केवल कलानामक तक सीमित है, अधिकारी आशा करते हैं कि इस मॉडल को अन्य स्वदेशी किस्मों में दोहराया जा सके, जिससे राज्य भर में ग्रामीण आय में वृद्धि हो सके।