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राजनीति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर सभी के लिए साफ़ पानी का वादा किया
✍️ ddnews.gov.in
🗓 21 सित. 2026, 06:31 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र के साथ जल गुणवत्ता सुधार हेतु समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के लिए साफ़ पानी की गारंटी दी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के साथ जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता पत्र (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किया। यह समझौता दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ, जिससे राज्य में साफ़ पीने के पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए सहयोगी प्रयासों की रूपरेखा तय हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी नागरिकों को साफ़ पानी उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत उन्नत जल शोधन तकनीकों का उपयोग, आपूर्ति नेटवर्क का विस्तार और जल गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाएगी।
समझौते के तहत केंद्र सरकार तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जबकि राज्य स्तर पर कार्यान्वयन जिला‑स्तर और ब्लॉक‑स्तर पर किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर सभी के लिए सुरक्षित पीने के पानी की उपलब्धता के लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
पहले चरण में जल‑संकटग्रस्त जिलों में पायलट परियोजनाएँ शुरू की जाएँगी, जिनके सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के बाद इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। प्रगति की नियमित रिपोर्टें तैयार कर संबंधित विभागों को प्रस्तुत की जाएँगी।
स्थानीय NGOs और सामुदायिक समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और जलजनित रोगों में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी नागरिकों को साफ़ पानी उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत उन्नत जल शोधन तकनीकों का उपयोग, आपूर्ति नेटवर्क का विस्तार और जल गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाएगी।
समझौते के तहत केंद्र सरकार तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जबकि राज्य स्तर पर कार्यान्वयन जिला‑स्तर और ब्लॉक‑स्तर पर किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर सभी के लिए सुरक्षित पीने के पानी की उपलब्धता के लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
पहले चरण में जल‑संकटग्रस्त जिलों में पायलट परियोजनाएँ शुरू की जाएँगी, जिनके सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के बाद इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। प्रगति की नियमित रिपोर्टें तैयार कर संबंधित विभागों को प्रस्तुत की जाएँगी।
स्थानीय NGOs और सामुदायिक समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और जलजनित रोगों में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हुए।