📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Tourism
राजनीति
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने विरासत से बाहर करने के नियमों को सख्त करने का संशोधन मंजूर किया
✍️ The Indian Express
🗓 26 अग. 2026, 09:05 AM
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को बढ़ाने हेतु विरासत से बाहर करने के नियमों को सख्त करने वाला संशोधन मंजूर किया।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने विरासत से बाहर करने के नियमों को सख्त करने वाला एक संशोधन पारित किया। यह प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य उन मामलों में बच्चों को वारिस से बाहर करना कठिन बनाना है जहाँ उन्हें पर्याप्त देखभाल नहीं मिली हो। विधायकों ने कहा कि यह कदम वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और मनमाने तौर पर उनकी हिस्सेदारी से वंचित करने को रोकने के लिए है।
संशोधन में विरासत से बाहर करने के लिए कड़े मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिसमें उपेक्षा के प्रमाण का दस्तावेजीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव राज्य में कमजोर बुजुर्गों की सुरक्षा के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
कैबिनेट का यह निर्णय सामाजिक कल्याण और पारिवारिक जिम्मेदारी पर सरकार के फोकस को दर्शाता है। मंजूर होने पर ये नियम उत्तर प्रदेश की वारिसी कानूनों में शामिल हो जाएंगे, जिससे अन्य राज्यों में भी समान सुधारों की संभावना बन सकती है।
वरिष्ठ नागरिक अधिकार समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कानूनी विशेषज्ञ संशोधन के कार्यान्वयन पर चर्चा की आशा जताते हैं।
बिल को अगले हफ्तों में विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहाँ आगे की जांच और मतदान होगा।
संशोधन में विरासत से बाहर करने के लिए कड़े मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिसमें उपेक्षा के प्रमाण का दस्तावेजीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव राज्य में कमजोर बुजुर्गों की सुरक्षा के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
कैबिनेट का यह निर्णय सामाजिक कल्याण और पारिवारिक जिम्मेदारी पर सरकार के फोकस को दर्शाता है। मंजूर होने पर ये नियम उत्तर प्रदेश की वारिसी कानूनों में शामिल हो जाएंगे, जिससे अन्य राज्यों में भी समान सुधारों की संभावना बन सकती है।
वरिष्ठ नागरिक अधिकार समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कानूनी विशेषज्ञ संशोधन के कार्यान्वयन पर चर्चा की आशा जताते हैं।
बिल को अगले हफ्तों में विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहाँ आगे की जांच और मतदान होगा।