स्वास्थ्य
उत्तर प्रदेश में बड़ा ऐलान: सभी राशन कार्ड धारकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, 14.61 करोड़ लोगों को होगा सीधा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना से 14.61 करोड़ नागरिकों को लाभ मिलेगा और सरकार पर प्रतिवर्ष 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
प्रयागराज, 22 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस नई नीति के लागू होने से राज्य के कुल 3.63 करोड़ राशन कार्डों से जुड़े लगभग 14.61 करोड़ लोगों को मुफ्त और कैशलेस इलाज का सुरक्षा कवच मिलेगा।
इस योजना के तहत अंत्योदय (रेड) राशन कार्ड धारकों को पहले से ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अब इस नए प्रस्ताव के तहत शेष सभी पात्र गृहस्थी (सफेद) राशन कार्ड धारकों को भी इस दायरे में शामिल किया जा रहा है। इससे राज्य के प्रत्येक राशन कार्ड धारक परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकारी और अनुबंधित निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर मरीजों को बिना किसी नकद भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी। मरीजों के भर्ती होने से लेकर जांच, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज तक के सभी खर्च इस योजना के अंतर्गत कवर किए जाएंगे। इस विशाल स्वास्थ्य योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
योजना के विस्तार के बाद प्रदेश सरकार के खजाने पर हर साल लगभग 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि वर्तमान में सरकार इस मद में प्रतिवर्ष 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में विस्तृत ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। पात्रता के नियमों को स्पष्ट करने के बाद योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
इस योजना के तहत अंत्योदय (रेड) राशन कार्ड धारकों को पहले से ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अब इस नए प्रस्ताव के तहत शेष सभी पात्र गृहस्थी (सफेद) राशन कार्ड धारकों को भी इस दायरे में शामिल किया जा रहा है। इससे राज्य के प्रत्येक राशन कार्ड धारक परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकारी और अनुबंधित निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर मरीजों को बिना किसी नकद भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी। मरीजों के भर्ती होने से लेकर जांच, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज तक के सभी खर्च इस योजना के अंतर्गत कवर किए जाएंगे। इस विशाल स्वास्थ्य योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
योजना के विस्तार के बाद प्रदेश सरकार के खजाने पर हर साल लगभग 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि वर्तमान में सरकार इस मद में प्रतिवर्ष 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में विस्तृत ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। पात्रता के नियमों को स्पष्ट करने के बाद योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।