📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Milad A380 talk?
रक्षा
अमेरिकी प्रतिनिधि गोर ने राजस्थान में युद्ध अभ्यास युध अभ्यास के लिए आगमन किया
✍️ telanganatoday.com
🗓 24 सित. 2026, 09:37 PM
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अमेरिकी प्रतिनिधि गोर ने भारत‑अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युध अभ्यास’ में भाग लेने के लिए राजस्थान में आगमन किया, जिससे रक्षा सहयोग में मजबूती आई।
अमेरिकी प्रतिनिधि गोर ने सोमवार को राजस्थान में उतरकर भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘युध अभ्यास’ में भाग लिया। यह आगमन नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है, जहाँ दोनों पक्ष परिचालन क्षमता और सामरिक ज्ञान के आदान‑प्रदान पर जोर दे रहे हैं।
अब तक के पाँचवें संस्करण में यह अभ्यास संयुक्त ऑपरेशनल योजना, आतंकवाद विरोधी ड्रिल और आपदा राहत सिमुलेशन पर केंद्रित है। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी प्रशिक्षण स्थलों पर मिलकर प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की सहयोगी पहलों की रूपरेखा तय करेंगे।
गोर के कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, पर सूत्रों के अनुसार वे भारतीय रक्षा अधिकारियों से मिलेंगे और लाइव‑फ़ायर तथा फील्ड‑ट्रेनिंग सत्रों का निरीक्षण करेंगे। वरिष्ठ अमेरिकी प्रतिनिधि की उपस्थिति इस अभ्यास के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की उच्च‑स्तरीय मुलाकातें इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा संबंधों को गहरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, विशेषकर बदलते क्षेत्रीय चुनौतियों के संदर्भ में। यह अभ्यास अगले दो हफ्तों तक जारी रहेगा, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है।
अब तक के पाँचवें संस्करण में यह अभ्यास संयुक्त ऑपरेशनल योजना, आतंकवाद विरोधी ड्रिल और आपदा राहत सिमुलेशन पर केंद्रित है। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी प्रशिक्षण स्थलों पर मिलकर प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की सहयोगी पहलों की रूपरेखा तय करेंगे।
गोर के कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, पर सूत्रों के अनुसार वे भारतीय रक्षा अधिकारियों से मिलेंगे और लाइव‑फ़ायर तथा फील्ड‑ट्रेनिंग सत्रों का निरीक्षण करेंगे। वरिष्ठ अमेरिकी प्रतिनिधि की उपस्थिति इस अभ्यास के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की उच्च‑स्तरीय मुलाकातें इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा संबंधों को गहरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, विशेषकर बदलते क्षेत्रीय चुनौतियों के संदर्भ में। यह अभ्यास अगले दो हफ्तों तक जारी रहेगा, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है।