📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Santosh katai
नौकरी
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने युवाओं को नौकरी के पीछे नहीं, ई‑रिक्शा चलाने की सलाह दी
✍️ The Economic Times
🗓 28 सित. 2026, 10:32 PM
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उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि नौकरी के पीछे भागने की बजाय ई‑रिक्शा चलाना एक ठोस आजीविका विकल्प है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने हाल ही में युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश छोड़कर ई‑रिक्शा चलाने को एक स्थायी आय स्रोत के रूप में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि ई‑रिक्शा क्षेत्र तेज़ी से बढ़ रहा है और तुरंत आय प्रदान करता है, जबकि सामान्य रोजगार की खोज में अक्सर समय लग जाता है।
इकॉनॉमिक टाइम्स को दी गई इस टिप्पणी में पाठक ने कहा कि राज्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा उद्यमियों को कम निवेश और सरकारी प्रोत्साहन के कारण ई‑रिक्शा व्यवसाय में प्रवेश करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उन्होंने विशेष आँकड़े नहीं दिए, पर ई‑रिक्शा इकोसिस्टम में ड्राइवर, मेंटेनेंस और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को उजागर किया। इस असामान्य सलाह का उद्देश्य स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करना और सीमित औपचारिक नौकरियों पर निर्भरता कम करना है।
यह बयान उसी समय आया है जब उत्तर प्रदेश हरित परिवहन को बढ़ावा देने और बड़ी युवा जनसंख्या के लिए रोजगार सृजन की दिशा में काम कर रहा है। अधिकारियों की आशा है कि इस प्रकार की पहल से शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक थ्री‑व्हीलर का उपयोग बढ़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस योजना की सफलता वित्तीय सहायता, चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता और अनुकूल नीतियों पर निर्भर करेगी, पर बृजेश पाठक की यह अपील व्यावहारिक, स्थानीय स्तर पर आधारित आजीविका समाधान की ओर एक स्पष्ट संकेत है।
इकॉनॉमिक टाइम्स को दी गई इस टिप्पणी में पाठक ने कहा कि राज्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा उद्यमियों को कम निवेश और सरकारी प्रोत्साहन के कारण ई‑रिक्शा व्यवसाय में प्रवेश करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उन्होंने विशेष आँकड़े नहीं दिए, पर ई‑रिक्शा इकोसिस्टम में ड्राइवर, मेंटेनेंस और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को उजागर किया। इस असामान्य सलाह का उद्देश्य स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करना और सीमित औपचारिक नौकरियों पर निर्भरता कम करना है।
यह बयान उसी समय आया है जब उत्तर प्रदेश हरित परिवहन को बढ़ावा देने और बड़ी युवा जनसंख्या के लिए रोजगार सृजन की दिशा में काम कर रहा है। अधिकारियों की आशा है कि इस प्रकार की पहल से शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक थ्री‑व्हीलर का उपयोग बढ़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस योजना की सफलता वित्तीय सहायता, चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता और अनुकूल नीतियों पर निर्भर करेगी, पर बृजेश पाठक की यह अपील व्यावहारिक, स्थानीय स्तर पर आधारित आजीविका समाधान की ओर एक स्पष्ट संकेत है।