📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Peder Severin Krøyer
राजनीति
पि. एस. रिजिजू ने कांग्रेस से चीन पर नकली एआई वीडियो के लिए माफी मांगी
✍️ Daily Excelsior
🗓 28 अक्टू. 2026, 07:04 AM
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केंद्रीय गृह मंत्री पि. एस. रिजिजू ने कांग्रेस पर चीन से संबंधित नकली एआई वीडियो फैलाने का आरोप लगाते हुए माफी माँगी है। यह मांग सार्वजनिक बयान में की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री पि. एस. रिजिजू ने कांग्रेस पर चीन से संबंधित नकली एआई वीडियो साझा करने का आरोप लगाते हुए माफी माँगने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह क्लिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित है और जानबूझकर झूठी जानकारी फैलाने के लिए बनाया गया है, जिससे कूटनीतिक संबंधों को नुकसान पहुँच सकता है।
वीडियो के स्रोत का उल्लेख नहीं किया गया, परंतु रिजिजू ने कहा कि ऐसी बनावटी सामग्री का प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक भरोसे को कमजोर करता है। उन्होंने इसे "देश के प्रति विश्वासघात" कहा और सभी राजनीतिक दलों को बिना पुष्टि के सामग्री फैलाने से रोकने की चेतावनी दी।
कांग्रेस ने अभी तक इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा संसद में आगे चर्चा का विषय बन सकता है। मीडिया संस्थाएँ वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि का इंतजार कर रही हैं।
यह घटना भारत में एआई‑जनित मीडिया के दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जिससे सूचना‑सत्यापन और नियमन को सख्त करने की मांग बढ़ रही है।
प्राधिकरण इस कथित डीप‑फेक के स्रोत की जांच कर सकते हैं, जिससे भारत‑चीन संबंधों पर असर डालने वाली गलत सूचना को रोका जा सके।
वीडियो के स्रोत का उल्लेख नहीं किया गया, परंतु रिजिजू ने कहा कि ऐसी बनावटी सामग्री का प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक भरोसे को कमजोर करता है। उन्होंने इसे "देश के प्रति विश्वासघात" कहा और सभी राजनीतिक दलों को बिना पुष्टि के सामग्री फैलाने से रोकने की चेतावनी दी।
कांग्रेस ने अभी तक इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा संसद में आगे चर्चा का विषय बन सकता है। मीडिया संस्थाएँ वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि का इंतजार कर रही हैं।
यह घटना भारत में एआई‑जनित मीडिया के दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जिससे सूचना‑सत्यापन और नियमन को सख्त करने की मांग बढ़ रही है।
प्राधिकरण इस कथित डीप‑फेक के स्रोत की जांच कर सकते हैं, जिससे भारत‑चीन संबंधों पर असर डालने वाली गलत सूचना को रोका जा सके।