📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
राजनीति
छात्र आंदोलन के बाद धामरेंद्र प्रधान का इस्तीफा
✍️ Times of India
🗓 25 जुल. 2026, 07:06 PM
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छात्र आंदोलन के बाद धामरेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूनियन मंत्री धामरेंद्र प्रधान ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया, जब छात्रों के बीच एक व्यापक आंदोलन ने जवाबदेही और शिक्षा तथा शासन में सुधार की मांग की।
यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था, जो ऑनलाइन मीम्स से उत्पन्न एक जमीनी आंदोलन है और विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। उनके संगठित रैलियों और सोशल मीडिया अभियानों ने नीति परिवर्तनों की मांग को बढ़ाया।
इस आंदोलन को और तेज करने के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण और नीति से संबंधित शिकायतों पर प्रकाश डाला गया।
प्रधान का इस्तीफा छात्र सक्रियता के सीधे प्रभाव का एक दुर्लभ उदाहरण है, जिससे विपक्षी दलों को ऐसे आंदोलनों में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह इस्तीफा सरकार की छात्रों की चिंताओं और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रबंधन पर बढ़ती जाँच का संकेत भी देता है।
यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था, जो ऑनलाइन मीम्स से उत्पन्न एक जमीनी आंदोलन है और विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। उनके संगठित रैलियों और सोशल मीडिया अभियानों ने नीति परिवर्तनों की मांग को बढ़ाया।
इस आंदोलन को और तेज करने के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण और नीति से संबंधित शिकायतों पर प्रकाश डाला गया।
प्रधान का इस्तीफा छात्र सक्रियता के सीधे प्रभाव का एक दुर्लभ उदाहरण है, जिससे विपक्षी दलों को ऐसे आंदोलनों में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह इस्तीफा सरकार की छात्रों की चिंताओं और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रबंधन पर बढ़ती जाँच का संकेत भी देता है।