📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Donnie28
विदेश
यूएन प्रमुख गुटेरेस ने कहा, ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा से बहुपक्षवाद को मिला भरोसा
✍️ indiatoday.in
🗓 17 सित. 2026, 11:32 AM
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यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा को सराहा, कहा कि यह वैश्विक बहुपक्षवाद के भविष्य को भरोसा देता है।
नई दिल्ली में आयोजित नवीनतम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु कार्रवाई पर सहयोग को सुदृढ़ करने वाला एक घोषणा‑पत्र अपनाया। इस दस्तावेज़, जिसे नई दिल्ली घोषणा कहा जाता है, वैश्विक व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से ब्लॉक की भूमिका को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करने वाला संकेत देती है। उन्होंने बताया कि इस पाठ में प्रतिबिंबित बहुपक्षीयता की प्रतिबद्धता एकतरफ़ा रुखों को कम करती है और सामूहिक समस्या‑समाधान के महत्व को रेखांकित करती है।
गुटेरेस ने यह भी कहा कि ब्रिक्स मंच संयुक्त राष्ट्र का विकल्प नहीं है, पर इसके सक्रिय रुख को यूएन के प्रयासों के साथ मिलाकर काम किया जा सकता है। उन्होंने सभी देशों से घोषणा के सिद्धांतों पर आधारित होकर नियम‑आधारित प्रणाली में भरोसा पुनः स्थापित करने का आह्वान किया, जो विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाएगा।
यह बयान वैश्विक भू‑राजनीति के अस्थिर माहौल में आया है, जहाँ कई राष्ट्र सहयोग के वैकल्पिक मार्गों की तलाश में हैं। 40% से अधिक विश्व जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स नेता नई दिल्ली घोषणा को गहरी एकीकरण और अधिक संतुलित अंतरराष्ट्रीय ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करने वाला संकेत देती है। उन्होंने बताया कि इस पाठ में प्रतिबिंबित बहुपक्षीयता की प्रतिबद्धता एकतरफ़ा रुखों को कम करती है और सामूहिक समस्या‑समाधान के महत्व को रेखांकित करती है।
गुटेरेस ने यह भी कहा कि ब्रिक्स मंच संयुक्त राष्ट्र का विकल्प नहीं है, पर इसके सक्रिय रुख को यूएन के प्रयासों के साथ मिलाकर काम किया जा सकता है। उन्होंने सभी देशों से घोषणा के सिद्धांतों पर आधारित होकर नियम‑आधारित प्रणाली में भरोसा पुनः स्थापित करने का आह्वान किया, जो विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाएगा।
यह बयान वैश्विक भू‑राजनीति के अस्थिर माहौल में आया है, जहाँ कई राष्ट्र सहयोग के वैकल्पिक मार्गों की तलाश में हैं। 40% से अधिक विश्व जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स नेता नई दिल्ली घोषणा को गहरी एकीकरण और अधिक संतुलित अंतरराष्ट्रीय ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।