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उकवा में वन मार्ग बंद होने से पशुपालकों में रोष, वर्षों पुरानी परंपरा बाधित
उकवा के खान प्रबंधक द्वारा मवेशियों के वन में चरने हेतु जाने वाले मार्ग को बंद कर दिए जाने से स्थानीय पशुपालकों में भारी रोष है। यह मार्ग वर्षों से पशुओं के लिए वन तक पहुँचने का एकमात्र रास्ता था।
स्थानीय लोगों ने खान प्रबंधक के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि जिस मार्ग को बंद किया गया है, उसका उपयोग पीढ़ियों से उनकी गायें और अन्य मवेशी वन में चरने के लिए करते आ रहे हैं। इस मार्ग के बंद होने से उनके पशुधन के चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
पशुपालकों का कहना है कि वन विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे वे हताश हैं। उन्होंने खान प्रबंधक से इस मामले में हस्तक्षेप करने और मार्ग को पुनः खोलने की अपील की है, ताकि उनकी रोजी-रोटी पर संकट न आए
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है और वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर करती है।
पशुपालकों का कहना है कि वन विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे वे हताश हैं। उन्होंने खान प्रबंधक से इस मामले में हस्तक्षेप करने और मार्ग को पुनः खोलने की अपील की है, ताकि उनकी रोजी-रोटी पर संकट न आए
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है और वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर करती है।