📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
धर्म
उज्जैन में बैरवा समाज ने 105वाँ फूलडोल उत्सव मनाया, शौर्य प्रदर्शन और कृष्ण लीला के साथ
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 23 सित. 2026, 11:00 AM
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उज्जैन में बैरवा समाज ने डोल ग्यारस के अवसर पर 105वें फूलडोल चल का आयोजन किया, जिसमें अखाड़े के शौर्य प्रदर्शन, धार्मिक झांकियां और सामाजिक संदेश शामिल थे।
उज्जैन में डोल ग्यारस के अवसर पर बैरवा समाज ने 105वें फूलडोल चल का भव्य आयोजन किया। यह परम्परागत उत्सव धार्मिक अनुष्ठानों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जोड़ता है।
क्षेत्र के अखाड़ों ने शौर्य प्रदर्शन किया, जिसमें पारंपरिक हथियारों और समन्वित गतियों का प्रदर्शन हुआ, जिससे बड़ी भीड़ आकर्षित हुई। इन प्रदर्शन के बीच कृष्ण लीला की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिससे उत्सव में आध्यात्मिक रंग जुड़ गया।
आयोजनकर्ता इस मंच का उपयोग सामाजिक संदेश देने के लिए भी करते हैं, जिसमें सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण पर बल दिया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने इस परम्परा को सराहा, जिससे उज्जैन की धार्मिक‑सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हुई।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के उचित इंतजामों के साथ कार्यक्रम को सुगमता से संचालित किया। फूलडोल चल का समापन फूल अर्पित कर और प्रार्थना करके किया गया, जिससे बैरवा समाज की शताब्दी पुरानी परम्परा का एक और सफल अध्याय समाप्त हुआ।
क्षेत्र के अखाड़ों ने शौर्य प्रदर्शन किया, जिसमें पारंपरिक हथियारों और समन्वित गतियों का प्रदर्शन हुआ, जिससे बड़ी भीड़ आकर्षित हुई। इन प्रदर्शन के बीच कृष्ण लीला की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिससे उत्सव में आध्यात्मिक रंग जुड़ गया।
आयोजनकर्ता इस मंच का उपयोग सामाजिक संदेश देने के लिए भी करते हैं, जिसमें सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण पर बल दिया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने इस परम्परा को सराहा, जिससे उज्जैन की धार्मिक‑सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हुई।
स्थानीय प्राधिकरणों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के उचित इंतजामों के साथ कार्यक्रम को सुगमता से संचालित किया। फूलडोल चल का समापन फूल अर्पित कर और प्रार्थना करके किया गया, जिससे बैरवा समाज की शताब्दी पुरानी परम्परा का एक और सफल अध्याय समाप्त हुआ।